चकरनगर इटावा/लखनऊ (एसएसबी चौहान) 3 मार्च-शासन और प्रशासन को किस तरीके से गुमराह किया जाता है जिसका जीता जागता उदाहरण तहसील क्षेत्र चकरनगर से प्रस्तुत किया जा रहा है यहां पर शासन और प्रशासन के आदेशों को किस प्रकार से छलावा किया जाता है।
कागज का कोरम तो पूरा कर दिया जाता है लेकिन धरातल पर कुछ और ही होता है। यहां पर जो भी पीस कमेटी की मीटिंग या थाने से संबंधित जो भी कार्यवाही सार्वजनिक करने को होती है उसमें खासकर पुलिस मात्र अपने मुंह लगे लोगों को ही आमंत्रण पत्र देकर या दूरभाष से सूचना देकर बुला लेती है और उनका कोरम पूरा हो जाता है।
क्या कभी प्रशासनिक अधिकारियों ने यह देखा या इस तरफ झांकने की कोशिश की? नहीं क्योंकि उनके पास समय नहीं है उन्हें सिर्फ कालम पूरा होना चाहिए चाहे धरातल पर हो या वह हाई हवाई कर आसमान में पूरा कर दिया जाए। इसके लिए यह पूर्ण रूप से सत्य है कि जब भी कोई पीस कमेटी की मीटिंग ली जाती है या पुलिस को कोई सूचना सार्वजनिक करनी होती है तो उसके लिए खासकर वह व्यक्ति जिनका थाने पर नित्य आने जाने की आदत में शुमार है या मुंह लगे व्यक्ति को खासकर ऐसे लोगों को भी आमंत्रित कर कार्यवाही का कोरम पूरा कर दिया जाता है।
थाना चकरनगर कार्यवाहक थानाध्यक्ष के द्वारा संपादित की गई कार्यवाही से साफ जाहिर होता है स्थानीय मीडिया के कर्मचारियों को शायद नहीं बुलाया गया दूसरा थाना सहंसों का जिक्र करते हैं सम्मानित क्षेत्राधिकारी महोदय जो अपनी शिष्टाचार और सभ्यता के साथ कैप लगाऐ हुए वर्दी की शान को प्रदर्शित करते हुए कुर्सी पर आसीन हैं वहीं उनके बगल में तेजतर्रार फोस गालियां बकने वाले थानाध्यक्ष जो किस स्थिति में बैठे हुए हैं? क्या बडे अधिकारी इस व्यवस्था को देखने की हिम्मत जुटा पांएंगे? कि जब मीडिया फोटो ले रही है और यह फोटो सार्वजनिक होगी तो इसी कारण शायद क्षेत्राधिकारी महोदय फुल यूनिफॉर्म में है लेकिन अधीनस्थ थानाध्यक्ष महोदय अपनी हेकड़ी प्रदर्शित करते हुए किस स्थिति में बैठे हैं! इस पर क्या एक्शन हमारे नव आगंतुक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लेंगे यह तो भविष्य के गर्त में है।
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