पंजाब के मोगा जिले में रविवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने इलाके में सनसनी फैला दी। इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार होने में सफल रहे। यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस चोरी की एक किआ कार के जरिए किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की आशंका के चलते सतर्क होकर इलाके में गश्त और नाकाबंदी कर रही थी।

दरअसल, 28 जनवरी को मोगा के कोट ई सेखा इलाके के पास से चार बदमाशों ने एक किआ कार चोरी कर ली थी और इसके बाद फरार हो गए थे। इस घटना के बाद से ही मोगा पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की विभिन्न टीमों द्वारा तकनीकी जांच, स्थानीय सूत्रों और खुफिया नेटवर्क के माध्यम से लगातार इन बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
रविवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चोरी की गई किआ कार मोगा क्षेत्र में घूम रही है और उसमें सवार बदमाश किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए मोगा पुलिस की सीआईए टीम, धर्मकोट पुलिस और कोट ई सेखा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। संभावित रास्तों पर नाकाबंदी की गई और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी गई।
कुछ ही देर बाद पुलिस को सूचना के अनुसार किआ कार मोगा के गांव चुग्गा लिंक रोड की ओर जाती हुई दिखाई दी। पुलिस टीमों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा शुरू किया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कार में सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस पर अचानक हुई गोलीबारी से कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने संयम और साहस का परिचय देते हुए मोर्चा संभाला। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई फायरिंग के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लग गई, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। इस बीच अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर दो अन्य बदमाश भागने में कामयाब हो गए।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तुरंत घायल बदमाशों को काबू में लिया और उन्हें इलाज के लिए मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। घायल बदमाशों की पहचान विशाल निवासी हरिके और बॉबी निवासी फतेहगढ़ पंचतुर के रूप में हुई है।
वहीं, मौके से फरार हुए बदमाशों की पहचान हरप्रीत और साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इलाके में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है और आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है, ताकि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर कुल चार राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में पांच राउंड फायर किए। घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही चोरी की गई किआ कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही मोगा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये बदमाश किसी संगठित गिरोह से जुड़े हो सकते हैं और पहले भी आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
इस मुठभेड़ के बाद इलाके में दहशत का माहौल जरूर बना, लेकिन स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और बहादुरी की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई न करती, तो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। घायल बदमाशों से पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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