प्रयागराज में माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार तड़के से ही आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। संगम तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ इस कदर उमड़ी कि अल सुबह से ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में पुण्य स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। अंधेरे में ही हजारों श्रद्धालु संगम नोज की ओर बढ़ते नजर आए और सूर्योदय से पहले ही लाखों लोगों ने पवित्र डुबकी लगा ली।

🌅 भोर से शुरू हुआ स्नान, संगम नोज पर लगी कतारें
माघ मेले के पांचवें और प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। संगम नोज पर तड़के ही लंबी कतारें लग गईं। मौके से लाइव रिपोर्टिंग कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार, सुबह पांच बजे से ही स्नानार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा था और छह बजे तक लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर चुके थे।
🚩 कल्पवासियों का संकल्प आज होगा पूर्ण
पौष पूर्णिमा से शुरू होकर पूरे माघ माह तक कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है। माघ पूर्णिमा का स्नान कर कल्पवासी अपने संकल्प को पूर्ण करेंगे और इसके बाद अपने घरों की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु संगम की पवित्र रेती अपने साथ लेकर विदा हो रहे हैं, जिसे वे जीवन भर पुण्य स्मृति के रूप में संजोकर रखते हैं।
हालांकि, सभी कल्पवासी आज विदा नहीं होंगे। जो श्रद्धालु मकर संक्रांति से कल्पवास शुरू किए हैं, वे सोमवार से भी गंगा तट पर बने रहेंगे और महाशिवरात्रि तक तप, साधना और पूजा-अर्चना में लीन रहेंगे।
⏰ पूरे दिन रहेगा शुभ स्नान मुहूर्त
माघी पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त सुबह से देर रात तक रहेगा। इसी कारण दिनभर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। प्रशासन का अनुमान है कि रविवार को प्रयागराज के 24 प्रमुख घाटों पर 50 से 70 लाख श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं। यदि भीड़ का रुझान इसी तरह बना रहा, तो यह संख्या एक करोड़ के पार भी जा सकती है।
🛕 धार्मिक अनुष्ठानों की धूम
माघी पूर्णिमा के अवसर पर कल्पवासियों के शिविरों में धार्मिक गतिविधियां चरम पर हैं। कई शिविरों में रामचरितमानस का अखंड पाठ पहले ही शुरू हो चुका था, जिसका समापन रविवार को भंडारे के साथ किया जाएगा। वहीं, अनेक शिविरों में आज सत्यनारायण कथा का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
👮 प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। घाटों पर पुलिस, पीएसी और गोताखोरों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है।
🙏 कुल मिलाकर, माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज का संगम तट आस्था, विश्वास और सनातन परंपरा के विराट स्वरूप का साक्षी बन रहा है, जहां हर डुबकी के साथ श्रद्धालु पुण्य और शांति की अनुभूति कर रहे हैं।
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