आगरा पुलिस उस वक्त सकते में आ गई, जब मुंबई के एक साड़ी कारोबारी ने अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच में मामला गंभीर अपराध का लगा, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने कड़ियाँ जोड़ीं, कहानी ने पूरी तरह अलग मोड़ ले लिया।

एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के रामबाग चौराहे से कथित अपहरण की जांच में सामने आया कि व्यापारी अपनी मर्जी से फेसबुक पर बने दोस्त से मिलने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी और सोशल मीडिया के जरिए लंबे समय से बातचीत चल रही थी।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली सच्चाई
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि रामबाग चौराहे के सीसीटीवी फुटेज में कारोबारी खुद नीले रंग की कार में बैठते नजर आए। इसके बाद अपहरण की कहानी पर सवाल खड़े हो गए। जिस बैंक खाते में 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए थे, उसकी जांच से हाथरस निवासी एक युवक तक पुलिस पहुंची।
कार में वीडियो बनाने पर बिगड़ा विवाद
पूछताछ में सामने आया कि मुलाकात के दौरान कार के अंदर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि कारोबारी द्वारा वीडियो बनाए जाने पर युवक नाराज़ हो गया। इसी दौरान मोबाइल और नकदी छीनी गई। बाद में उसके साथियों को बुलाकर कारोबारी को खेत में ले जाया गया, जहां मारपीट कर दबाव बनाया गया और खाते में रुपये ट्रांसफर कराए गए।
पांच आरोपी हिरासत में
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में रामेश्वर, अभिषेक चौधरी, पारस, पिंटू और रितिक शामिल हैं। सभी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
झूठी अपहरण कहानी से उठा पर्दा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कारोबारी ने बदनामी के डर से शुरुआत में अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच ने पूरे घटनाक्रम को साफ कर दिया।
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