शांति स्वरूप बौद्ध के निधन पर जताया दुख
(राज प्रताप सिंह, लखनऊ ब्यूरो) : बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में बाहरी व्यक्तियों के इलाज पर रोक लगाने की निंदा की है। उन्होंने दिल्ली राज्य सरकार से इस फैसले की आलोचना करते हुए वापस लेने की मांग की है। उन्होंने इसके साथ ही शांति स्वरूप बौद्ध की दिल्ली में मौत पर दुख व्यक्त किया है। मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली देश की राजधानी है। यहां पूरे देश से लोग अपने जरूरी कामों से आते रहते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाता है तो उसको यह कहकर इलाज की सुविधा न दी जाए कि वह दिल्ली का नहीं है…गलत है। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और केंद्र को इसमें जरूर दखल देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अनलॉक-1 में सोमवार से जो भी स्थल व बाजार खोले जा रहे हैं वहां जाने के लिए लोगों को सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। बहुत जरूरी होने पर ही वहां जाना चाहिए। उन्होंने कमजोर तबकों को जागरूक करने में सक्रिय रहने वाले शांति स्वरूप बौद्ध की दिल्ली में अचानक हुई मृत्यु की खबर को अति-दुखदाई बताया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान खासकर दलितों के ऊपर उत्पीड़न अभी भी जारी है, जिसका ताजा उदाहरण यूपी के अमरोहा के गांव डोमखेड़ा की घटना है। जहां कुछ सामंती तत्वों ने एक दलित की निर्मम हत्या कर दी। सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दे व उनकी पूरी मदद करे ।

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