बड़ौत रोडवेज डिपो की परिवहन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए फरवरी माह में 10 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने जा रही हैं। इन बसों के शामिल होने से न सिर्फ बसों की कमी दूर होगी, बल्कि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था भी पहले से बेहतर होगी। लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहे यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

रोडवेज डिपो के रिकॉर्ड के अनुसार फिलहाल निगम के पास कुल 185 बसें हैं, जिनका संचालन विभिन्न रूटों पर किया जा रहा है। इसके बावजूद कई मार्गों पर बसों की संख्या पर्याप्त नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में यात्रियों को डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है, जहां उन्हें दोगुना किराया चुकाना पड़ता है।
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक फरवरी में मिलने वाली 10 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रमुख रूप से शामली, दिल्ली, मेरठ, कानपुर, आगरा और मथुरा मार्गों पर किया जाएगा। इसके अलावा बसों की उपलब्धता बढ़ने पर कोताना, छपरौली और टांडा जैसे ग्रामीण मार्गों पर भी एक से दो बसें बढ़ाई जा सकती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के आने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। साथ ही, समय पर बस सेवा मिलने से लोगों का सफर अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगा।
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