इटावा / चकरनगर (डॉ एस बी एस चौहान) : तहसील के अंतर्गत तमाम ऐसे तालाब हैं जिनकी प्रशासन को कोई भी खैरो ख्वाहिश ही नहीं है। कुछ तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। कहीं तालाबों में पानी नहीं है, तो कहीं तालाबों में इतना कीचड़ और कूड़ा करकट डाला जा रहा है जिससे सड़ांध पैदा होती है और उस सडांध से तरह-तरह के संक्रमण पैदा करने वाले कीटाणु/वायरस पैदा होते हैं जो आसपास के लोगों को कुप्रभावित करते हैं।
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इस संबन्ध में निवर्तमान उपजिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह आईएएस ने संज्ञान लिया था और उन्होंने आरके बाबू से व्याख्या मांगी थी कि तहसील में कितने तालाब हैं ? इस संबंध में आरके बाबू लोकेन्द्र सिंह चौहान ने उपजिलाधिकारी को व्याख्या प्रस्तुत करते हुए बताया था कि तहसील क्षेत्र के अंतर्गत जो तालाबों का आलेख हैं उसे संबंधित लेखपालों के द्वारा तत्काल तलब किया जा रहा है। तलब होते ही आख्या प्रस्तुत कर दी जाएगी।

क्षेत्र में कुछ ऐसे भी तालाब हैं जो तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों के चलते लापरवाही उन्हें अभिलेखों से हटा दिया गया है या उन्हें दर्ज नहीं किया गया। ऐसा ही एक तालाब गांव सभा गौहानी के बीच स्थित है जिसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं किया गया था।तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने मौके पर जाकर तालाब को देखा और संबंधित अधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए 1 हफ्ते के अंदर तालाब को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया। प्रशासन की चलते लापरवाही उसे चारों तरफ से लोग उसका नामोनिशान मिटाने में आमादा है इस तरफ कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है।
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