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हत्याकांड से नाराज़ समाज, दो दिन में खुलासे की मांग

बड़ौत: पूर्व प्रधान की पुत्रवधू की हत्या के मामले में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना के बाद से अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर समाज के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है। इसी क्रम में शनिवार को जिला कार्यालय पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुछ दिन पहले पूर्व प्रधान की पुत्रवधू की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया था। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। परिवार शोक में डूबा है, वहीं समाज में भय और रोष का माहौल है। आरोप लगाया गया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है।

युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिन्मय भारद्वाज ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। यदि हत्यारे खुले घूमते रहेंगे तो लोगों का कानून पर से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को तेजी दिखाते हुए जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए और पूरे मामले का खुलासा करना चाहिए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सोमवार को संगठन का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल मांग करेगा कि जांच में तेजी लाई जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। साथ ही हत्या के पीछे की साजिश और कारणों का खुलासा सार्वजनिक रूप से किया जाए।

घनश्याम शर्मा ने कहा कि यदि दो दिन के भीतर मामले का खुलासा नहीं हुआ तो संगठन 18 फरवरी को बड़ौत में प्रस्तावित ब्राह्मण स्वाभिमान सम्मेलन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्मेलन के मंच से आगे की रणनीति घोषित की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि संगठन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में फैले असंतोष को शांत किया जा सके।

बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों—लोकेश वत्स, अमित भारद्वाज, दीपक शर्मा और रोहित शर्मा—ने भी एक स्वर में कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

सभा में यह भी कहा गया कि ऐसी घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल इस मामले का खुलासा करे, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस हत्याकांड को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लोग पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दो दिन प्रशासन के लिए अहम माने जा रहे हैं। यदि इस दौरान कोई ठोस प्रगति नहीं होती, तो बड़ौत में बड़ा जनआंदोलन देखने को मिल सकता है।

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