Breaking News
Home / उ० प्र० / शक ने लिया खौफनाक रूप—बागपत में चाचा ने भतीजे को मौत के घाट उतारा, कुएं में फेंककर छिपाई वारदात

शक ने लिया खौफनाक रूप—बागपत में चाचा ने भतीजे को मौत के घाट उतारा, कुएं में फेंककर छिपाई वारदात

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से सामने आई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। एक युवक, जो अपने परिवार का सहारा था, उसे उसी के रिश्ते के चाचा ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के पीछे वजह बनी महज एक शक—ऐसा शक जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया और एक परिवार को हमेशा के लिए बर्बाद कर दिया।

यह मामला सिनौली गांव का है, जहां रहने वाले मुकुल की अचानक गुमशुदगी ने परिजनों को चिंता में डाल दिया था। 12 अप्रैल को मुकुल घर से बिना किसी को बताए कहीं चला गया था और फिर वापस नहीं लौटा। शुरू में परिवार ने सोचा कि वह किसी काम से बाहर गया होगा, लेकिन जब काफी समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो मामला गंभीर हो गया।

परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन जब हर जगह से निराशा हाथ लगी तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस दौरान परिवार को मुकुल के रिश्ते के चाचा मंजीत पर शक हुआ, क्योंकि उसका व्यवहार अजीब था और वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने मंजीत से पूछताछ शुरू की।

जांच के दौरान जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। पुलिस के मुताबिक, मंजीत ने अपने भांजे के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने मुकुल को बहाने से घर से बुलाया और उसे खेत की ओर ले गए। वहां पहले उसे शराब पिलाई गई ताकि वह नशे में आ जाए और विरोध न कर सके।

जब मुकुल पूरी तरह नशे की हालत में पहुंच गया, तब मंजीत ने उसके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही मुकुल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को पास के खेत में बने एक 60 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया, ताकि किसी को इस वारदात का पता न चल सके।

हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए और सामान्य व्यवहार करने लगे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। लेकिन परिवार का शक धीरे-धीरे गहराता गया और पुलिस की जांच में भी मंजीत की भूमिका संदिग्ध नजर आने लगी।

दो दिन बाद जब खेत में बने कुएं से शव मिलने की सूचना मिली, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और उसकी पहचान मुकुल के रूप में की गई। इस दृश्य को देखकर परिवार के लोग बेसुध हो गए और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंजीत को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भांजा अभी भी फरार है। पुलिस का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार उसी भांजे के पास है, इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है।

पूछताछ में मंजीत ने हत्या की जो वजह बताई, वह और भी चौंकाने वाली थी। उसने बताया कि उसे शक था कि मुकुल के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। यह शक धीरे-धीरे उसके मन में इतना गहरा हो गया कि उसने मुकुल को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

मंजीत के अनुसार, उसने कई बार मुकुल को समझाने की कोशिश की थी कि वह उसके घर आना-जाना बंद कर दे, लेकिन जब उसे लगा कि उसकी बात का कोई असर नहीं हो रहा, तो उसने हत्या की योजना बना ली। इसी योजना के तहत उसने अपने भांजे को साथ मिलाया और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंजीत पहले भी एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2012 में हुए एक हत्याकांड में वह आरोपी था और फिलहाल जमानत पर बाहर था। यह तथ्य इस मामले को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि आरोपी पहले भी अपराध कर चुका है।

मुकुल के परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। पांच साल पहले उसके पिता की भी मौत हो चुकी थी और अब उसके बेटे की हत्या ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। घर में मां, छोटा भाई और बुजुर्ग दादा ही रह गए हैं। परिवार के लिए यह दोहरा आघात किसी बड़े संकट से कम नहीं है।

इस घटना ने पूरे गांव में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक चाचा अपने ही भतीजे के साथ इतनी बेरहमी कर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह के विवादों को सुलझा लिया जाता, तो शायद यह घटना टल सकती थी।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस मामले में सभी साक्ष्यों को इकट्ठा कर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बिना पुख्ता सबूत के किसी पर शक करना और उसे दिल में बैठा लेना कई बार खतरनाक साबित हो सकता है। रिश्तों में विश्वास और संवाद की कमी इस तरह की त्रासदियों को जन्म देती है।

अंत में यह कहा जा सकता है कि यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों और बिखरते विश्वास की दर्दनाक कहानी है। एक तरफ जहां एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया, वहीं दूसरी ओर एक व्यक्ति ने अपने ही शक के कारण अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली। यह मामला हमें यह सिखाता है कि किसी भी रिश्ते में भरोसा और समझदारी सबसे जरूरी होती है, वरना परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।

Check Also

चौकी से चंद कदम दूर लूट, गजरौला में बदमाशों ने महिला को बनाया निशाना

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए …

शक में अंधे पिता ने बेटे की ली जान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई …

बुलंदशहर में जन्मदिन पार्टी बनी खूनी रणभूमि: मामूली विवाद के बाद भाजपा सभासद के परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या

उत्तर प्रदेश के Bulandshahr जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, …