मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र स्थित रक्षापुरम सेक्टर-4 में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सेवानिवृत्त दरोगा लल्लू सिंह और उनकी पत्नी संतोष अपने घर के कमरे में फंदे से लटके मिले। घटना का दृश्य इतना असामान्य था कि मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और पड़ोसियों के मन में कई सवाल खड़े हो गए। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हैंगिंग से होने की पुष्टि हुई है, लेकिन परिस्थितियां अब भी जांच के दायरे में हैं।

पुलिस के अनुसार, दंपती का इकलौता बेटा संदीप अपनी पत्नी रविता और बच्चों के साथ पास की गंगाधाम कॉलोनी में रहता है। बुधवार सुबह घरेलू सहायिका जब रोज की तरह काम पर पहुंची, तो घर के दरवाजे खुले मिले। अंदर जाकर उसने जो दृश्य देखा, उससे वह घबरा गई। कमरे में पंखे के एक ब्लेड से दुपट्टे के सहारे दोनों के शव लटके हुए थे। वह तुरंत बाहर भागी और पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने बारीकी से जांच की। बताया गया कि दो दुपट्टों को गांठ बांधकर जोड़ा गया था। एक छोर पर लल्लू सिंह और दूसरे छोर पर संतोष लटकी थीं। संतोष के पैर नीचे रखे स्टूल को छू रहे थे, जबकि लल्लू सिंह के पैर हवा में थे। हैरानी की बात यह रही कि जिस पंखे के ब्लेड से दोनों के शव लटके थे, वह ज्यादा मुड़ा नहीं था। कमरे में बुधवार का अखबार भी खुला पड़ा मिला, जिससे प्रतीत हो रहा था कि सुबह सामान्य दिनचर्या चल रही थी।
प्रशिक्षु आईपीएस बजरंग प्रसाद और एसपी देहात अभिजीत कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर जब्त कर ली है। घर के बराबर दो मकानों के बाहर कैमरे लगे हैं। फुटेज में सुबह अखबार डालने वाला हॉकर दिखाई दिया, उसके बाद घरेलू सहायिका घर में प्रवेश करती दिखी। इसके अलावा किसी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही दर्ज नहीं हुई। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि घटना बुधवार सुबह की है।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार को लल्लू सिंह अपने बेटे के साथ ददायरा गांव गए थे, जहां उनकी जमीन है और किसी कार्यक्रम में शामिल होना था। शाम करीब छह बजे वे गांव से निकले और साढ़े आठ बजे तक घर लौट आए। इसके बाद बेटा अपने परिवार के पास चला गया। संतोष घर पर ही थीं। इस घटनाक्रम के बाद रात में क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं है।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि दंपती का व्यवहार सामान्य और मिलनसार था। लल्लू सिंह रोज सुबह पत्नी के साथ टहलने जाते थे। संतोष शाम को दूध लेने बाहर निकलती थीं। किसी ने भी उन्हें तनावग्रस्त या परेशान नहीं देखा। यही कारण है कि इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। कुछ लोग घरेलू विवाद की आशंका जता रहे हैं, लेकिन परिजनों ने पूछताछ में किसी प्रकार के विवाद से इनकार किया है।
घरेलू सहायिका रेखा ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से यहां काम कर रही थी। सुबह करीब नौ बजे पहुंचने पर उसे मुख्य गेट से लेकर अंदर तक सभी दरवाजे खुले मिले। जब वह लॉबी में झाड़ू लगा रही थी, तभी उसकी नजर कमरे के भीतर पड़ी और दोनों के शव देख वह चीख उठी। उसने बाहर आकर पड़ोसी सोनू को जानकारी दी। रोजाना इस समय तक लल्लू सिंह अक्सर छत पर धूप में बैठते थे और संतोष पूजा-पाठ में व्यस्त रहती थीं। उस दिन की खामोशी असामान्य थी।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद जांच अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना से पहले दंपती के मोबाइल पर कोई संदिग्ध कॉल या संदेश तो नहीं आया।
घटनास्थल की परिस्थितियां कई सवाल छोड़ती हैं। एक ही पंखे के ब्लेड से दोनों का लटकना, स्टूल का न गिरना, और कमरे की स्थिति—इन सब बिंदुओं पर विशेषज्ञ राय ली जा रही है। हालांकि अब तक किसी बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं, फिर भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
रक्षापुरम जैसे शांत इलाके में इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। घर से महज 50 मीटर की दूरी पर मेडा वीसी का आवास भी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक सामान्य दिखने वाले दंपती ने ऐसा कदम क्यों उठाया।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच जारी रखी है। परिजन सदमे में हैं और किसी ठोस कारण की जानकारी नहीं दे पा रहे। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तस्वीर साफ हो सकेगी। तब तक यह घटना कई अनुत्तरित सवालों के साथ इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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