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हरियाणा में आज ‘भारत बंद’ का असर: बैंक, बिजली-पानी और सरकारी सेवाएं प्रभावित होने के आसार

केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देशभर की ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने 12 फरवरी को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इसका व्यापक असर हरियाणा में भी देखने को मिल सकता है। राज्य में 10 प्रमुख श्रमिक संगठनों के साथ-साथ 100 से अधिक कर्मचारी और किसान संगठनों ने हड़ताल में शामिल होने का दावा किया है। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं से लेकर पटवारखानों का कामकाज, मिड-डे-मील, बिजली मरम्मत, साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति तक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि आवश्यक सेवाएं हर हाल में चालू रखी जाएंगी।

हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी विभागों को अग्रिम तैयारी के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो। कई विभागों ने अपने कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे ड्यूटी पर उपस्थित रहें और हड़ताल में शामिल न हों। कुछ विभागों ने तो वेतन काटने तक की चेतावनी जारी की है।

परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। परिवहन विभाग के महानिदेशक प्रदीप कुमार ने सभी बस अड्डों के महाप्रबंधकों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखने को कहा है। बस अड्डों पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, ताकि बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। जिला उपायुक्तों से भी सहयोग मांगा गया है, ताकि सार्वजनिक परिवहन प्रभावित न हो और यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और जनस्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी पहले ही लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। वहीं हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि यदि कोई कर्मचारी हड़ताल में शामिल होता है तो उसे उस दिन का वेतन नहीं मिलेगा। साथ ही अवकाश केवल अति आवश्यक स्थिति में ही स्वीकृत किया जाएगा।

पटवारियों के हड़ताल में शामिल होने की स्थिति में राजस्व कार्यों पर असर पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए उनके दायित्व तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सौंपे गए हैं। सरकार का प्रयास है कि जमीन से जुड़े कार्य और प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया पूरी तरह ठप न हो। हालांकि आम लोगों को कामकाज में देरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने भी तैयारी की है। महानिदेशक, मौलिक शिक्षा हरियाणा ने सभी जिला और खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ-साथ स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि मिड-डे-मील की व्यवस्था प्रभावित न हो। बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता में रखा गया है। स्कूलों में शिक्षण कार्य सामान्य रूप से चले, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि कर्मचारी संगठनों की भागीदारी के कारण कुछ स्थानों पर असर पड़ सकता है।

हड़ताल में शामिल संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन केंद्र सरकार की श्रम, कृषि और आर्थिक नीतियों के विरोध में है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री और सीटू के राज्य महासचिव जय भगवान ने दावा किया है कि राज्य के 100 से अधिक कर्मचारी संगठन इस हड़ताल में भाग ले रहे हैं। इनमें सीटू, इंटक, एटक, हिंद मजदूर सभा, एआईयूटीयूसी, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन, नॉर्थ जोन बीमा कर्मचारी संघ, डाक और टेलीकॉम विभागों के कर्मचारी तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के सदस्य शामिल हैं।

दूसरी ओर, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इस हड़ताल से दूरी बनाई है। संघ के राज्य प्रधान अशोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि बिजली, रोडवेज, जनस्वास्थ्य समेत जिन विभागों में उनके संगठन सक्रिय हैं, वहां कर्मचारी नियमित रूप से कार्य करेंगे। उनके अनुसार, हड़ताल समाधान का रास्ता नहीं है और आम जनता को असुविधा से बचाना जरूरी है।

बैंकों और बीमा क्षेत्र में भी आंशिक असर देखने को मिल सकता है। यदि कर्मचारी संगठनों का दावा सही रहा तो कई शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। हालांकि निजी क्षेत्र के बैंक और कुछ संस्थान सामान्य रूप से खुले रहने की संभावना है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें या ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करें।

कुल मिलाकर, हरियाणा में आज का दिन प्रशासन और कर्मचारी संगठनों दोनों के लिए अहम है। जहां एक ओर संगठन अपनी मांगों को लेकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं सरकार और प्रशासन आमजन को होने वाली असुविधा कम करने की कोशिश में जुटे हैं। अब यह देखना होगा कि हड़ताल का वास्तविक असर कितना व्यापक रहता है और सेवाओं पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है। फिलहाल राज्य भर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

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