उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री और प्रख्यात नेता हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा और सम्मान से भरा हुआ था, जहां लोगों ने बहुगुणा के योगदान को याद करते हुए उन्हें एक महान नेता के रूप में सम्मानित किया।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बहुगुणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में से थे, जिन्होंने अपने कार्यों से देश और समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। पहाड़ी क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बहुगुणा ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी पीछे नहीं हटे और लगातार आगे बढ़ते रहे।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि बहुगुणा ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। यह उनके देशभक्ति और समर्पण का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महान नेताओं की वजह से ही देश को स्वतंत्रता मिली और आज हम एक स्वतंत्र राष्ट्र में जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने बहुगुणा के राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में कई विकास कार्य हुए और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया। उन्होंने हमेशा जनता के हितों को प्राथमिकता दी और आम लोगों की समस्याओं को समझने की कोशिश की।
इसके अलावा, बहुगुणा ने राज्य सरकार में मंत्री रहते हुए भी कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने अपने कार्यों के जरिए यह साबित किया कि वे एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता थे। उनके फैसलों का असर लंबे समय तक देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हेमवती नंदन बहुगुणा ने केंद्र सरकार में भी कई अहम मंत्रालयों में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीता। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जो हर परिस्थिति में देशहित को प्राथमिकता देता था।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी बहुगुणा के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बहुगुणा एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम किया और उनके उत्थान के लिए प्रयास किए।
इस दौरान कई लोगों ने कहा कि आज के समय में बहुगुणा जैसे नेताओं की बहुत जरूरत है। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने अपने पूरे जीवन में मूल्यों और सिद्धांतों का पालन किया, जो आज के नेताओं के लिए एक प्रेरणा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और बहुगुणा के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उनके जीवन से जुड़े कई प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए गए, जिनसे लोगों को उनके व्यक्तित्व को समझने का मौका मिला।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ऐसे महान नेताओं की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बहुगुणा के आदर्शों को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उनके जीवन से प्रेरणा लें और देश के विकास में योगदान दें।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महान नेताओं के बारे में जानकारी मिलती है। यह जरूरी है कि हम अपने अतीत को याद रखें और उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे हेमवती नंदन बहुगुणा के आदर्शों पर चलने का प्रयास करेंगे और समाज के विकास में अपना योगदान देंगे। इस आयोजन ने न केवल एक महान नेता को श्रद्धांजलि दी, बल्कि लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान किया।
इस प्रकार, लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें लोगों ने एक महान नेता को याद करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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