सीमावर्ती जिला Kathua एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में है। ताजा खुफिया इनपुट के बाद आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंधित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed के पांच आतंकियों का एक फिदायीन दस्ता भारतीय सीमा में दाखिल हो चुका है। इस संभावित खतरे को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

संदिग्धों के पोस्टर जारी
एहतियाती कदम के तौर पर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ शहर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में पांच संदिग्ध आतंकियों के पोस्टर लगाए हैं। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों और मुख्य सड़कों के किनारे दीवारों पर इन पोस्टरों को चस्पा किया गया है। पोस्टरों में संदिग्धों की तस्वीरें और पहचान संबंधी जानकारी दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इन व्यक्तियों से मिलती-जुलती कोई गतिविधि या जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी थाने या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। साथ ही अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
हीरानगर सेक्टर पर विशेष निगरानी
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार घुसपैठ की आशंका भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के Hiranagar सेक्टर से जताई गई है। यह इलाका भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण है और पूर्व में भी घुसपैठ की कोशिशों के कारण संवेदनशील रहा है। इसी कारण सीमा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और निगरानी उपकरणों को सक्रिय कर दिया गया है।
सेना, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जंगलों और पहाड़ी इलाकों में विशेष ऑपरेशन जारी हैं। ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों की मदद से निगरानी की जा रही है।
प्रमुख ठिकानों की सुरक्षा कड़ी
संभावित फिदायीन हमले के खतरे को देखते हुए जिले में सुरक्षाबलों के कैंप, पुलिस थाने, सरकारी कार्यालय और भीड़भाड़ वाले स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रमुख इमारतों के बाहर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है।
सीमावर्ती गांवों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि नागरिकों का सहयोग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, लोहाई मल्हार क्षेत्र के मलाड़ इलाके में तीन संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधि देखी गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा बलों ने उस इलाके में विशेष तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के जंगलों और खेतों में भी सघन खोजबीन की जा रही है।
पहलगाम बरसी के मद्देनजर सतर्कता
14 फरवरी को Pahalgam में हुए हमले की बरसी के आसपास भी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित साजिश के इनपुट मिले थे। माना जा रहा है कि संवेदनशील तिथियों का इस्तेमाल आतंकी संगठन अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर सकते हैं। इसी कारण पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
रात की आवाजाही पर प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने एहतियातन हीरानगर सेक्टर में पहाड़पुर से करोल कृष्णा बॉर्डर पोस्ट के बीच पांच किलोमीटर के दायरे में रात के समय आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक बड़े वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। यह प्रतिबंध आगामी दो महीनों तक लागू रहेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सुरक्षा बलों को निगरानी और तलाशी अभियान में सुविधा प्रदान करना है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन सतर्कता जारी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है और स्थिति नियंत्रण में है। फिर भी संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। आम नागरिकों से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
कुल मिलाकर, कठुआ जिले में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध आतंकियों के पोस्टर जारी करना और व्यापक तलाशी अभियान इसी रणनीति का हिस्सा हैं। सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते विफल करना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है। आने वाले दिनों में निगरानी और तलाशी अभियान और तेज किए जाने की संभावना है।
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