जेवर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अलाव के धुएं को लेकर हुआ विवाद देखते-देखते भयावह हिंसा में बदल गया। इस सनसनीखेज घटना में आरोप है कि पड़ोसियों ने धारदार हथियार से एक युवती की नाक काट दी, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके पिता को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस इसे “मामूली विवाद” बताकर जांच की बात कह रही है।

पीड़ित परिवार के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे का समय था। परिवार का मुखिया अपनी दुकान पर बैठा हुआ था, जो उसने अपने ही घर के बाहर खोल रखी है। इसी दौरान घर के सामने उसकी बुजुर्ग मां ठंड से बचने के लिए अलाव जलाकर हाथ सेंक रही थीं। अलाव से उठ रहे धुएं को लेकर पड़ोस में रहने वाले राकेश, हिमांशु और कपिल मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
पीड़ित का आरोप है कि पड़ोसियों ने धुएं को लेकर आपत्ति जताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया। जब घर की दो बेटियों ने इसका विरोध किया और शांति से बात करने को कहा, तो आरोपी और अधिक आक्रामक हो गए। आरोप है कि उन्होंने लड़कियों को गालियां दीं और मारपीट शुरू कर दी।
शोर-शराबा सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बाहर आ गए। इसी दौरान पीड़ित की एक और बेटी घर से बाहर निकली, तभी आरोपियों में से एक ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। हमले में युवती की नाक बुरी तरह कट गई और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण दहशत में आ गए।
जब युवती के पिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद घायल युवती को जेवर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवती की नाक की हालत बेहद गंभीर थी, जिसके चलते तत्काल प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ी। कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उसकी जान तो बचा ली, लेकिन यह घटना उसके जीवन पर गहरा मानसिक और शारीरिक असर छोड़ गई है।
इलाज के बाद युवती को परिजन घर ले आए, लेकिन परिवार अभी भी सदमे में है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह कोई मामूली झगड़ा नहीं था, बल्कि सोची-समझी हिंसा थी। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं इस मामले में थाना प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि अलाव के धुएं को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हुई थी, जो मारपीट में बदल गई। उनके अनुसार युवती को नाक में “हल्की चोट” आई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
हालांकि पुलिस के इस बयान से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि यदि चोट हल्की थी तो प्लास्टिक सर्जरी क्यों करानी पड़ी? गांव के लोग भी इस घटना को लेकर नाराज हैं और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की प्रवृत्ति को उजागर करती है। ठंड से बचने के लिए जलाया गया अलाव किसी की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देगा, यह किसी ने सोचा भी नहीं था।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !