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चोक नालिया और जिम्मेदारों की उदासीनता जल भराव का प्रमुख कारण

श्रम दान करना ग्रामीणों की मजबूरी , 

सूरज अवस्थी (मोहनलालगंज/ लखनऊ) :: विकाश खण्ड मोहन लाल गंज में लगने वाली ग्राम पंचायत जबरौली और उसमें लगने वाला एकलौता मजरा बरियार खेड़ा महज एक बरसात में ही नालयो कि कितनी साफ सफाई होती है इस बात की पोल सड़को व सीसी रोडो और खड़ंजों में भरा पानी इस बात की इस्पस्ट पोल खोल रहा है कि इन गांवो में कितनी साफ सफाई हुई है । ग्रामीणों के मुताबिक  जबरौली गांव में दो थोक है ऊँचा थोक , खाले थोक , इन दोनों थोको के बीचोबीच शीतला सागर तालाब में गंदगी का अंबार लगा है , क्योकि ये तालाब बीच गांव में होने के कारण उचे थोक का अधिकतर पानी इसी तालाब में आता है और  इसी शीतला सागर से जल निकाशी के लिए बने नाले से बरसात का पानी गांव के बाहर बांक नाले में जाकर गिरता है , वही नाई टोला में बना तालाब अतिक्रमण का शिकार हो उसके किनारे रहने वाले ग्रामीणों ने उस पर अवैध कब्जा कर उसकी पटान कर जल निकाशी की समस्या खड़ी कर दी है ।

और आलम ये है कि एक बरसात में ही सड़को के ऊपर से पानी बह चला कारण नालिया चोक , वही ग्रामीणों के मुताबिक कई बार ग्रामीणों द्वारा समय समय पर श्रम दान कर चोक नालियो की साफ सफाई कर जल निकाशी की समस्या को हल कर दिया लेकिन सफाई कर्मचारी करीब तीन वर्षों से हरिजन बस्तियों व इस तालाब में आई नालियो की साफ सफाई करने नही गया , जिससे उक्त बस्ती के वासियो में जिम्मेदारों की कार्यशैली पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि जब ग्रामीणों को खुद ही सारा काम करना है तो सफाईकर्मियों की गांवो में तैनाती का क्या मतलब , वही दूसरी तरफ बरियार खेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में तो सफाईकर्मी आज तक आया ही नही , करीब पांच वर्सो से जब गांव में नालिया अधिक चोक हो जाती है और नौबत जलभराव तक पहुच जाती है तो वहां के ग्रामीण खुद ही चोक पड़ी नालयो की साफ सफाई कर लेते है , ग्रामीणों ने बताया कि जब क्भी सफाईकर्मी आता ही नही तो फिर इंतजार किसका करे । वही ग्रामीणों ने कहा कि यहां पर सफाईकर्मी सिर्फ प्रधान जी को नमस्कार करने आता है और वही से चला जाता है, गांव में कौन है तैनात ग्रामीणों को नाम तक नही मालूम तो पहचानना तो दूर की बात इन्हें पाँच पाँच साल गुजर जाते है लेकिन गांव की गलियों व चोक पड़ी नालयो की साफ सफाई करने की फुर्सत ही नही मिलती आखिर जनाव कहा रहते है और कहा कि सफाई करते है ।

कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान के घरों के आस पास अगल बगल की नालिया पिछले चार वर्षों से साफ कर रहे है गांव के अन्य मुहल्लों व वार्डो से कोई सरोकार नही, आखिर प्रशाशन इन्हें वेतन किस बात का दे रहा है । वही कुछ ग्रामीणों ने जब ग्राम प्रधान से इस बारे में शिकायत की तो उन्होंने बताया कि उसकी अक्सर तबियत खराब रहती है इसीलिए वो काम नही कर पाता है । प्रधान के इस बयान पर ग्रामीणों ने कहा कि आप के घर के अगल बगल सफाई करने में उसकी तबियत नही खराब रहती अन्य जगहों की साफ सफाई करने जनाब चार चार साल नही पहुचते , तो इस बात पर प्रधान जी कुछ भी बोल नही पाए , वही दूसरी ओर ग्रामीणों ने एडीओ पंचायत से सफाईकर्मी की शिकायत की है , और तहसील दिवस में भी अब तक कई बार शिकायत कर चुके है लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात निकला और सफाईकर्मी व जिम्मेदारों की उदासीनता को लेकर दोनों गांवो के ग्रामीणों में जिम्मेदारों की घोर लापरवाही को लेकर खाशा रोष ब्याप्त है ।

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