राज प्रताप सिंह, लखनऊ ब्यूरो। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यह दिवालिया सरकार का दिवालिया बजट है। बजट के झूठे छलावे की जगह अगर भाजपा के भ्रष्टाचार पर कर लगा दिया जाए तो देश के बुरे दिन समाप्त हो जाएंगे।
दिल्ली में अखिलेश यादव ने कहा कि इस बजट से न नौकरीपेशा को फ़ायदा, न कारोबारी को, न उद्योग को, न किसान-मज़दूर-गरीब को। युवा और भी निराश हो गए हैं और महंगाई की मारी गृहणी और भी हताश है। ये बजट आंकड़ों का मकड़जाल था ताकि अन्य मद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी अर्थव्यवस्था को लेकर नाकाम है। यूपी में भाजपा की सरकार है, लेकिन इन्वेस्टमेंट लाने के नाम पर कुछ नहीं था। वित्त मंत्री ने इस दशक का पहला दिवालिया बजट पेश किया है। अखिलेश ने कहा, बजट में नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आए लेकिन इसके बावजूद कोई निवेश नहीं आया। अखिलेश ने वित्त मंत्री के लंबे बजट भाषण पर तंज कसते हुये कहा कि यह लोगों को भ्रमित करने का एक तरीका था। उन्होंने कहा, यह बजट इतना बड़ा इसीलिये था कि लोग समझ न पायें। लोग उलझे रहें।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !
