नई शिक्षा नीति (एनईपी) को प्रभावी बनाने की दिशा में शिक्षा मंत्रालय ने एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) देशभर के शिक्षकों के लिए ‘एक और भारतीय भाषा सीखें’ नाम से विशेष कोर्स शुरू करने जा रहा है। इस पहल से लगभग एक करोड़ शिक्षक लाभान्वित होंगे।
यह कोर्स भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी
22 भाषाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। पहले चरण में 12 भारतीय भाषाओं के पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में शेष 10 भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा।
भाषा और संस्कृति से जुड़ेगा शिक्षक समुदाय
एनआईओएस द्वारा तैयार किए जा रहे इस कोर्स का उद्देश्य केवल भाषा सिखाना नहीं है, बल्कि शिक्षकों को भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना भी है। इससे शिक्षक छात्रों में भाषाओं के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत कर सकेंगे।
कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
मातृभाषा के माध्यम से होगी नई भाषा की पढ़ाई
इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि शिक्षक अपनी मातृभाषा के जरिए दूसरी भारतीय भाषा सीख सकेंगे। इससे भाषा सीखना आसान, स्वाभाविक और प्रभावी हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, मातृभाषा के सहारे नई भाषा सीखने से उच्चारण, समझ और सांस्कृतिक संदर्भों को जल्दी अपनाया जा सकता है।
डिजिटल और ओपन लर्निंग पर आधारित होगा कोर्स
एनआईओएस इस कोर्स को ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित करेगा। इसमें ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ऑडियो-वीडियो कंटेंट और अभ्यास आधारित मॉड्यूल शामिल होंगे, ताकि दूर-दराज इलाकों में कार्यरत शिक्षक भी आसानी से इससे जुड़ सकें।
एनआईओएस के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश मिश्र के अनुसार,
“यह कोर्स शिक्षकों को अपनी मातृभाषा के माध्यम से आठवीं अनुसूची की किसी एक अतिरिक्त भारतीय भाषा को सीखने का अवसर देगा और बहुभाषी शिक्षा को नई दिशा देगा।”
इस पहल से स्कूलों में बहुभाषी माहौल को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय भाषाओं की समृद्ध विरासत को मजबूत आधार मिलेगा।
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