झांसी नगर निगम की नाक के नीचे सरकारी जमीन की बंदरबांट का एक चौंकाने वाला ‘खेल’ बेनकाब हुआ है। जिस जमीन की रक्षा की जिम्मेदारी नगर निगम की थी, उसी जमीन को भू-माफियाओं ने प्लॉट काटकर बेच दिया। हद तो तब हो गई जब इस फर्जीवाड़े में 15 साल के नाबालिगों तक के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई।

इस पूरे प्रकरण में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कब्जाधारियों को नगर निगम का ही मूक समर्थन प्राप्त था। माफिया जमीन बेचते रहे और निगम के कर्मचारी उन अवैध मकानों को ‘मकान नंबर’ आवंटित कर वैधता की मुहर लगाते रहे। अब जब पोल खुली है, तो हड़कंप मच गया है। शायना परवीन, कली देवी और विनय कुशवाहा समेत कुल 28 लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर सरकारी फाइलों में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा किसकी शह पर चल रहा था।
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