उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित विश्वप्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर से एक चौंकाने वाली और श्रद्धालुओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची एक महिला श्रद्धालु के साथ कथित तौर पर सेवायत गोस्वामी ने न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उसका हाथ मरोड़कर दो उंगलियां तोड़ दीं। मामला यहीं नहीं रुका—इसी मंदिर परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ भी मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगा है। दोनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना शुक्रवार की बताई जा रही है, जब उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज की रहने वाली सुमित्रा वृंदावन स्थित श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं। महिला श्रद्धालु के अनुसार, वह मंदिर परिसर में लगी रेलिंग के गेट से आगे बढ़ रही थीं, तभी वहां मौजूद मोहित गोस्वामी नामक सेवायत ने अचानक उनका हाथ पकड़ लिया और जोर से मरोड़ दिया।
“पैसे दोगी तभी दर्शन होंगे”
पीड़िता का आरोप है कि सेवायत ने साफ शब्दों में कहा—“पैसे दोगी तभी दर्शन कराए जाएंगे, वरना वापस जाओ।” जब महिला ने इसका विरोध किया तो सेवायत और उग्र हो गया। हाथ मरोड़े जाने से महिला की हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उन्हें तेज दर्द होने लगा। बाद में चिकित्सकीय जांच में महिला की दो उंगलियों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।
महिला श्रद्धालु ने यह भी आरोप लगाया है कि सेवायत ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद मंदिर में मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला संयुक्त चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर में सुरक्षा गार्ड से भी मारपीट
इसी मंदिर परिसर से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जिसने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रवेश द्वार संख्या दो पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ भी मंदिर के सेवायत द्वारा गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगा है।
शनिवार सुबह राजस्थान सिक्योरिटी एजेंसी की ओर से तैनात सुरक्षा गार्ड अनिल कुमार (निवासी: नगला चांद, सादाबाद) अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। उनकी शिकायत के अनुसार, एक वृद्ध सेवायत गोस्वामी वहां पहुंचे और बिना किसी कारण गाली-गलौज करने लगे। जब सुरक्षा गार्ड ने विरोध किया तो सेवायत ने डंडे से हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
सुरक्षा गार्ड का यह भी आरोप है कि घटना के समय वहां मौजूद पुलिसकर्मी से शिकायत की गई, लेकिन कोई त्वरित मदद नहीं मिली। इस दौरान राजस्थान सिक्योरिटी एजेंसी के अन्य गार्ड राहुल शर्मा और ज्योति शर्मा भी मौके पर मौजूद थे।
पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
दोनों घटनाओं में एक समान बात सामने आई है—मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की निष्क्रियता। श्रद्धालु महिला और सुरक्षा गार्ड, दोनों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ितों ने कोतवाली पहुंचकर लिखित तहरीर दी।
सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने पुष्टि की है कि सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट और गाली-गलौज के मामले में भी तहरीर मिल चुकी है और जांच के बाद आरोपी सेवायत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में कथित दबंगई, पैसे मांगने के आरोप और हिंसा की घटनाएं सामने आना न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था के केंद्रों को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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