देशभर में गणतंत्र दिवस के जश्न का माहौल अपने चरम पर है। लाल किले की परेड, सेना की भव्य झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम हर साल की तरह इस बार भी लोगों को रोमांचित कर रहे हैं। लेकिन इस बार मौसम ने अपना मिजाज बदल दिया है और देश के कई हिस्सों में बारिश और ठंड ने लोगों को अप्रत्याशित चौंकाया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य 11 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है।

दिल्ली-NCR में बारिश ने बदला मौसम का रंग
दिल्ली-NCR क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई हल्की बारिश ने प्रदूषण की चादर को हटा दिया है और आसमान साफ हो गया है। इससे गणतंत्र दिवस परेड का दृश्य और भी सुहावना बन गया है। हालांकि, पहाड़ों से आती बर्फीली हवाओं ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंडक बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय तापमान बहुत नीचे जा रहा है, जिससे आम जनता और विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे सतर्क रहें।
पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी का असर
मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय हो गया है। इसका असर मुख्य रूप से हिमालयी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखा जाएगा। इन राज्यों में हल्की से लेकर भारी बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है और गलन की समस्या पैदा कर दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 26 से 28 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 27 जनवरी को कुछ स्थानों पर तेज बारिश और 28 जनवरी को उत्तराखंड में बिजली गिरने और 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 11 राज्यों के लिए मूसलधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और केरल शामिल हैं। इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है।
विशेष रूप से 27 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे कई इलाकों में लोगों को असुविधा हो सकती है। वहीं, 28 जनवरी को बिहार में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
उत्तर भारत में शीतलहर का प्रभाव
उत्तर भारत के 21 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर के लिए चेतावनी जारी की है। इसमें उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, प्रयागराज, अयोध्या, झांसी और अन्य जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में सुबह के समय तापमान बहुत नीचे रहेगा और ठंड अधिक महसूस होगी। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव के लिए गरम कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला जारी
केरल और तमिलनाडु में भी मौसम ने अपना असर दिखाया है। केरल में मानसून का मौसम पिछले दिनों से अच्छा रहा है और यहां अब भी भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने 26 से 28 जनवरी तक केरल में भारी बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
तमिलनाडु में भी बारिश का सिलसिला जारी है। 26 से 28 जनवरी तक यहां भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर धूलभरी आंधी और तेज हवाओं के चलते लोगों को असुविधा हो सकती है।
सावधानियों का संदेश
मौसम विभाग ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे बारिश और ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहें। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बना रह सकता है। इसके अलावा, शीतलहर के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे सर्दी, खांसी और जुकाम अधिक हो सकते हैं, इसलिए बुजुर्ग और बच्चे विशेष रूप से सावधानी बरतें।
पर्यावरण और प्रदूषण पर असर
दिल्ली-NCR में बारिश ने प्रदूषण को काफी हद तक कम किया है। खुले आसमान और साफ हवा ने लोगों को राहत दी है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी हवाओं के कारण ठंडक में वृद्धि ने शहरवासियों को अलर्ट किया है। यदि मौसम इसी तरह बदला रहा, तो गणतंत्र दिवस की परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद साफ और ठंडी हवा में लिया जा सकता है।
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस के जश्न के बीच मौसम का यह अचानक बदलाव लोगों के लिए रोमांचक और चुनौतीपूर्ण दोनों रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और शीतलहर ने लोगों को सचेत रहने पर मजबूर किया है। दिल्ली और आसपास के इलाके साफ हवा और ठंडक का अनुभव कर रहे हैं, जबकि हिमालयी राज्यों और दक्षिण भारत में बारिश और तूफानी हवाओं का असर देखा जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और अलर्ट को ध्यान में रखते हुए जनता को सुरक्षित रहने और गणतंत्र दिवस के उत्सव का आनंद लेने की जरूरत है। इस बार मौसम ने देशवासियों को याद दिला दिया है कि प्राकृतिक बदलाव हमेशा अप्रत्याशित हो सकते हैं।
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