मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र के पुट्ठा गांव के पास स्थित रेलवे फाटक संख्या 23-सी पर सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। रोज की तरह पूजा कर घर लौट रही 48 वर्षीय महिला राजेश्वरी की योग एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि महिला का शव कई टुकड़ों में बंट गया और रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर तक बिखर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

मृतका की पहचान भीड़ में खड़े उसके पति राजेश कुमार ने कपड़ों के आधार पर की। अपनी पत्नी का इस हाल में शव देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़े। वहां मौजूद लोग भी इस मंजर को देखकर भावुक हो गए। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन ले गया बल्कि रेलवे फाटक पार करने की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
राजेश्वरी मूल रूप से बुलंदशहर जिले के डबी गांव की रहने वाली थीं। वह अपने पति राजेश कुमार और दो बेटों दिवाकर और विवेक के साथ मेरठ के पूठा रोड स्थित किराए के मकान में रहती थीं। पति-पत्नी मिलकर पास ही “राधा रानी” नाम से एक नर्सरी चलाते थे, जिससे परिवार की आजीविका चलती थी। स्थानीय लोगों के अनुसार राजेश्वरी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं और रोज सुबह पास के शिव मंदिर में पूजा करने जाया करती थीं।
सोमवार सुबह भी वह नियमित रूप से मंदिर गई थीं। पूजा समाप्त कर जब वह वापस लौट रही थीं, उसी दौरान रेलवे फाटक बंद था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन आने के संकेत पहले ही मिल चुके थे और फाटक पूरी तरह बंद था। बावजूद इसके राजेश्वरी ने फाटक के नीचे से निकलकर रेलवे ट्रैक पार करने का प्रयास किया। इसी बीच दिल्ली से ऋषिकेश की ओर जा रही योग एक्सप्रेस तेज गति से वहां पहुंच गई।
तेज रफ्तार ट्रेन को आता देख महिला संभल नहीं सकीं और कुछ ही पलों में ट्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। ट्रेन की रफ्तार के कारण शव के कई टुकड़े हो गए, जिन्हें देखकर वहां मौजूद लोग सहम गए। कुछ देर के लिए ट्रेन को भी रोका गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते रेलवे फाटक के पास भीड़ जमा हो गई। इसी भीड़ में मौजूद राजेश कुमार को जब घटना की जानकारी मिली तो वह भी मौके पर पहुंचे। रेलवे ट्रैक पर पड़े शव के टुकड़ों और कपड़ों को देखकर उन्होंने अपनी पत्नी की पहचान की। यह दृश्य अत्यंत मार्मिक था।
रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन ने तुरंत टीपीनगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से क्षत-विक्षत शव को एकत्र कराया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद लोग अक्सर जल्दबाजी में उसे पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे ऐसे हादसे होते हैं। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।
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