खंदौली क्षेत्र से सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर महिला की तस्वीर का गलत तरीके से इस्तेमाल करने और उसके साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने इस मामले को लेकर थाना खंदौली में लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खंदौली क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक आईडी बनाकर न केवल उसकी निजी तस्वीरों का दुरुपयोग किया, बल्कि उन्हें गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित भी किया। महिला का कहना है कि आरोपी ने उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल इस तरह से किया, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची और उसके वैवाहिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी द्वारा बनाए गए फर्जी अकाउंट से उसे लगातार आपत्तिजनक और अभद्र मैसेज भेजे जा रहे थे। इन संदेशों की भाषा और आशय बेहद आपत्तिजनक थे, जिससे उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। महिला का आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया गया ताकि उसे बदनाम किया जा सके और समाज में उसकी छवि खराब हो।
मामले को और गंभीर बनाते हुए पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल की डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) में उसके चचेरे भाई की तस्वीर लगा रखी थी। इस तरह आरोपी ने न केवल महिला की पहचान का दुरुपयोग किया, बल्कि उसके परिजन की फोटो का भी गलत इस्तेमाल किया। इससे परिवार की सामाजिक छवि को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
पीड़िता का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों के कारण उसे रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के बीच असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उससे इस अकाउंट के बारे में सवाल किए, जिससे उसे शर्मिंदगी महसूस हुई। महिला ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आरोपी भविष्य में और भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
इन्हीं सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए पीड़िता ने थाना खंदौली में पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। उसने अपनी तहरीर के साथ सोशल मीडिया चैट के स्क्रीनशॉट, फर्जी अकाउंट की जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं, ताकि आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि साइबर अपराध से जुड़े इस मामले में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह से किसी महिला की छवि खराब करने का दुस्साहस न कर सके।
इस मामले में थाना खंदौली के थाना प्रभारी ने बताया कि महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से फर्जी अकाउंट बनाने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें और किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ फर्जी आईडी बनाकर लोगों को परेशान करने, महिलाओं की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करने और साइबर उत्पीड़न के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को मानसिक तनाव के साथ-साथ सामाजिक दबाव का भी सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अपराधों पर रोक लगाने के लिए कानून के सख्त प्रवर्तन के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करते समय सतर्कता बरतना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करना ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
फिलहाल, खंदौली की इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में आरोपी की पहचान कब तक सामने आती है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
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