बिहार के बांका जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां महिला से दुष्कर्म के प्रयास का विरोध करना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। रजौन थाना क्षेत्र के एक गांव में आरोपियों द्वारा की गई हिंसक मारपीट में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि पीड़ित महिला समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों का इलाज भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत 23 जनवरी की रात से हुई, जब गांव का ही एक युवक कथित तौर पर जबरन पीड़िता के घर में घुस आया। महिला का आरोप है कि आरोपी कर्मनी पासवान ने देर रात करीब साढ़े 11 बजे उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। महिला के विरोध और शोर मचाने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गया।
घटना के अगले दिन 24 जनवरी को पीड़ित महिला ने रजौन थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि शिकायत के बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपी और उसके सहयोगियों के हौसले बढ़ गए।
परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने से नाराज आरोपी कर्मनी पासवान ने अपने साथियों के साथ मंगलवार दोपहर पीड़ित महिला के घर पर हमला कर दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों से महिला और उसके परिजनों की बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें बुजुर्ग धनंजय पंडित भी शामिल थे।
घायलों को आनन-फानन में भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान धनंजय पंडित की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल बन गया है, वहीं पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है।
घायलों की पहचान सुधाकर पंडित, अभिकांत पंडित, विपुल पंडित और पीड़ित महिला के रूप में की गई है। सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत के बाद ही सख्त कदम उठाए जाते, तो इस जानलेवा हमले को रोका जा सकता था। उनका आरोप है कि समय पर कार्रवाई न होने से आरोपी खुलेआम हिंसा करने की हिम्मत जुटा सके।
फिलहाल रजौन थाना पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
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