मुजफ्फरपुर में नीट की छात्रा की नृशंस हत्या के विरोध में जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। सनातन सेवक संस्थान के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने संयुक्त रूप से कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।

यह कैंडल मार्च शहर के अमर शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल से शुरू होकर जिला समाहरणालय तक निकाला गया, जिसमें सैकड़ों लोगों की भागीदारी रही। हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की तख्तियां लिए लोगों ने शांतिपूर्ण लेकिन सख्त संदेश दिया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
“न्याय नहीं तो आंदोलन” का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि यह मार्च सरकार और प्रशासन को चेताने के लिए है। यदि समय रहते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। मार्च के दौरान “बेटी को न्याय दो”, “अपराधियों को फांसी दो” जैसे नारे गूंजते रहे।
श्रद्धांजलि और मौन
कैंडल मार्च आगे बढ़ते हुए भारत माता नमन स्थल पहुंचा, जहां मृतका की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस भावुक क्षण में उपस्थित लोगों ने न्याय की लड़ाई को अंतिम अंजाम तक ले जाने का संकल्प दोहराया।
प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में सनातन सेवक संस्थान के संरक्षक प्रभाकर कुमार, जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार के साथ-साथ हिंदूवादी नेता वैभव मिश्रा, चिकित्सक डॉ. गौरव वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर शुक्ला और सावन पांडेय सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। सभी ने एकजुटता के साथ पीड़िता के परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
आगे की रणनीति
इस मौके पर डॉ. गौरव वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द और निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 3 फरवरी से जहानाबाद के पटियावा से पटना तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग और मजबूती से सरकार तक पहुंचाई जा सके।
साफ संदेश
मुजफ्फरपुर का यह कैंडल मार्च केवल शोक नहीं, बल्कि सख्त चेतावनी था—कि समाज अब चुप नहीं बैठेगा। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि न्याय में देरी, अन्याय के बराबर है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर ही पीड़िता को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
निष्कर्ष
नीट छात्रा हत्याकांड ने समाज को झकझोर दिया है। मुजफ्फरपुर की सड़कों पर उतरी यह आवाज़ बताती है कि जनता अब जवाब चाहती है—तेज़, निष्पक्ष और कठोर। न्याय की यह मशाल तब तक जलती रहेगी, जब तक पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल जाता
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