गुरुग्राम के सेक्टर-70 क्षेत्र में एक हृदयविदारक और रहस्य से भरी घटना सामने आई है। यहां एक हाईराइज सोसाइटी की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद 13 साल के छात्र की मौत हो गई। यह घटना न सिर्फ मृतक के परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लोगों के लिए भी गहरे सदमे का कारण बन गई है। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है और हर पहलू से तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

मृतक छात्र की पहचान आरव सक्सेना के रूप में हुई है। आरव सेक्टर-70 स्थित बीपीटीपी एस्टायर गार्डन सोसाइटी में अपने माता-पिता के साथ रहता था और सेंट एंजेल स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। वह पढ़ाई में सामान्य था और परिजनों के अनुसार उसके व्यवहार में हाल के दिनों में कोई असामान्य बदलाव नजर नहीं आया था। इसके बावजूद उसकी अचानक और संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरव की मौत ट्यूलिप वायलेट सोसाइटी में हुई, जो उसके घर से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस सोसाइटी की 14वीं मंजिल से वह गिरा, वहां वह वर्तमान में नहीं रहता था। यह सोसाइटी कभी उसकी मौसी का निवास स्थान हुआ करती थी, लेकिन वे ढाई साल पहले वहां से शिफ्ट हो चुकी थीं। इसके बाद आरव का वहां आना-जाना लगभग बंद हो गया था।
रविवार शाम को यह घटना उस समय सामने आई, जब ट्यूलिप वायलेट सोसाइटी में तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने तेज आवाज सुनी। आवाज सुनकर जब वह बाहर आया तो उसने देखा कि एक बच्चा सोसाइटी परिसर में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और बच्चे की पहचान आरव सक्सेना के रूप में की। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज एक अहम कड़ी बनकर सामने आए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरव रविवार शाम करीब 4 बजकर 23 मिनट पर अपनी सोसाइटी से निकला था। इसके बाद करीब 17 मिनट बाद, यानी 4 बजकर 40 मिनट पर, वह ट्यूलिप वायलेट सोसाइटी में प्रवेश करता हुआ कैमरों में दिखाई दिया। इन फुटेज में फिलहाल वह अकेला नजर आ रहा है, लेकिन पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी स्थान पर उससे कोई और व्यक्ति तो नहीं मिला।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 13 साल का बच्चा आखिर 14वीं मंजिल तक कैसे पहुंचा। क्या वह किसी परिचित के बुलाने पर वहां गया था, या फिर किसी और वजह से? इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि जिस फ्लैट से वह गिरा, वह खाली था या वहां कोई मौजूद था। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि घटना के समय उस फ्लोर पर किस-किस की मौजूदगी थी।
बादशाहपुर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि मौत गिरने के कारण हुई या गिरने से पहले ही बच्चे की जान जा चुकी थी। इसके साथ ही शरीर पर किसी तरह के अन्य चोटों या संघर्ष के निशान भी जांच का अहम हिस्सा हैं।
बादशाहपुर थाने के जांच अधिकारी अशोक ने बताया कि परिजनों से बातचीत की गई है, लेकिन अभी तक कोई ऐसा कारण सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि बच्चा मानसिक तनाव में था या उसने आत्महत्या जैसा कोई कदम उठाया। फिलहाल आत्महत्या, हादसा और आपराधिक साजिश—तीनों ही एंगल से जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरव का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। मोबाइल की कॉल डिटेल, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियों और लोकेशन डेटा की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले आरव किसके संपर्क में था और वह वहां क्यों गया। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों से इस मामले में कुछ अहम सुराग मिल सकते हैं।
थाना प्रभारी विजयपाल ने बताया कि मामले में प्रक्रिया के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है और सोसाइटी में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड, स्टाफ और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
आरव के पिता अतुल सक्सेना ने बताया कि उनका बेटा सामान्य दिनचर्या वाला बच्चा था। वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी रुचि रखता था। घटना वाले दिन वह किस उद्देश्य से घर से निकला था, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। परिवार का कहना है कि आरव ने घर से निकलते समय किसी से मिलने या कहीं जाने की कोई खास बात नहीं बताई थी।
परिवार इस सदमे से उबर नहीं पा रहा है। माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बस यही चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनके बेटे के साथ आखिर क्या हुआ।
यह घटना हाईराइज सोसाइटी में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की गतिविधियों पर नजर, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान और सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के नतीजों का इंतजार कर रही है। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर यह तय हो पाएगा कि यह मामला एक हादसा था, आत्महत्या या किसी साजिश का परिणाम। पूरे शहर की नजरें अब इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई पर टिकी हुई हैं।
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