दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में लोगों को झकझोर दिया है। यहाँ एक पिता ने अपनी ही 14 साल की बेटी के साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया। घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब पीड़िता अपने मकान मालिक के साथ पुलिस थाने पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।

घटना की पूरी जानकारी
पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी मां लगभग 15 दिन पहले बिहार स्थित पैतृक गांव गई थीं। मां के घर जाने के बाद आरोपी पिता ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को घर में अकेली बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने उसे धमकाया और चुप रहने के लिए कहा। बच्ची ने यह भी खुलासा किया कि दिन में 4 से 5 बार इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया गया।
इस मामले ने पूरे इलाके में एक तरह की शॉक की स्थिति पैदा कर दी है। स्थानीय लोग गुस्से और नाराजगी का इज़हार कर रहे हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर बच्ची अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो क्या वह कहीं सुरक्षित रह सकती है।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। पहाड़गंज थाने के अधिकारीयों ने बताया कि आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरी जांच जारी है।
इस मामले ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और कानून व्यवस्था की है।
हाल के समय में ऐसी घटनाओं की बढ़ती संख्या
दिल्ली में हाल के समय में बच्चों के खिलाफ यौन अपराध की घटनाओं की संख्या में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। इसी प्रकार का एक और मामला भजनपुरा का है। यहां 6 साल की एक बच्ची के साथ कई लोगों ने दुष्कर्म किया। इस गैंगरेप के आरोपी बच्चों की उम्र 10, 13 और 14 साल थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि एक आरोपी अभी फरार है। घटना 18 जनवरी की है और पीड़िता के परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने के लिए केवल कानून होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहना होगा।
कानूनी दृष्टि
देश में यौन अपराधों के लिए सख्त कानून मौजूद हैं। विशेष रूप से “POCSO Act” (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद, ऐसी घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह केवल कानून की कमी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की कमी को भी दर्शाता है।
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