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विश्वास का फायदा उठाकर करोड़ों की चोरी: बिजनौर में घर जमाई निकला मास्टरमाइंड, सोना-चांदी समेत चार आरोपी गिरफ्तार

Bijnor जिले में सामने आए एक सनसनीखेज चोरी के मामले ने पारिवारिक विश्वास और लालच की खतरनाक कहानी उजागर कर दी है। पुलिस ने सराफा व्यापारी के घर और दुकान से करोड़ों रुपये के जेवरात व नकदी चोरी करने वाले मुख्य आरोपी घर जमाई सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी बरामद हुई है, जिसकी कीमत प्राथमिकी में दर्ज रकम से भी अधिक बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल चोरी का नहीं बल्कि भरोसे के साथ विश्वासघात का भी है। सराफा व्यापारी संतोष कुमार वर्मा ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी इकलौती मूक-बधिर बेटी की शादी वर्ष 2024 में आर्य समाज रीति से हुई थी। विवाह के बाद दामाद को परिवार ने अपने साथ ही घर में रख लिया था ताकि वह कारोबार में मदद कर सके और परिवार के साथ रह सके।

परिवार ने उसे घर का सदस्य मानकर पूरा भरोसा दिया, लेकिन यही भरोसा बाद में अपराध की जड़ बन गया। शिकायत के अनुसार दामाद धीरे-धीरे कारोबार से जुड़ी रकम और लेन-देन अपने नियंत्रण में लेने लगा था। कुछ समय पहले उसने ग्राहकों से वसूली की रकम भी अपने पास रख ली थी, जिस पर परिवार ने आपत्ति जताई और मामला पुलिस तक पहुंचा। बाद में उसने माफी मांग ली और परिवार ने उसे एक और मौका दे दिया।

यहीं से अपराध की साजिश शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने भाई और दो साथियों के साथ मिलकर घर और दुकान में रखे कीमती जेवरात पर नजर बना ली थी। उसने पूरे घर की दिनचर्या, तिजोरी की स्थिति और परिवार की आदतों को भली-भांति समझ लिया था। योजना के तहत उसने बुधवार की रात भोजन में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को बेहोश कर दिया। जब सभी सदस्य अचेत हो गए, तो उसने अपने साथियों की मदद से तिजोरी और अलमारियों से सोना-चांदी और नकदी निकाल ली।

शिकायत में बताया गया था कि करीब 400 ग्राम पुश्तैनी सोना, दुकान का लगभग 500 ग्राम सोना, करीब 40 किलो चांदी और नकद रकम चोरी हुई। शुरुआती अनुमान में चोरी गए माल की कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन पुलिस की बरामदगी के बाद यह रकम कहीं अधिक निकली।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नवीन चौहान, उसके भाई कुनाल, उसके दोस्त शिवम चौहान और चोरी का माल खरीदने वाले सराफ शिवम सैनी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सोना-चांदी, नकदी और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि बरामद माल की कीमत चार करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है, जो प्राथमिकी में दर्ज अनुमान से कहीं अधिक है।

पूछताछ में मुख्य आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि शादी के समय उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि परिवार की संपत्ति भविष्य में उसी को मिलेगी। लेकिन बाद में जब उसे पता चला कि ससुर अपनी संपत्ति अन्य रिश्तेदारों के नाम करना चाहते हैं, तो उसने इसे अपने साथ धोखा माना और चोरी की योजना बना ली।

उसने अपने भाई और दोस्तों को साथ लेकर पहले से योजना बनाई। वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी के जेवरात तुरंत बेचने की कोशिश की ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे। बताया जा रहा है कि लगभग 23 किलो चांदी बेहद कम कीमत पर बेच दी गई थी। पुलिस ने जब इस खरीद-फरोख्त की कड़ी जोड़ी, तो सराफ व्यापारी को भी हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई।

जांच अधिकारियों के मुताबिक यह मामला कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। पहला, इसमें परिवार के अंदर रह रहे व्यक्ति ने अपराध किया। दूसरा, चोरी की रकम बेहद बड़ी है। तीसरा, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए नशीले पदार्थ का इस्तेमाल किया, जो अपराध की गंभीरता को और बढ़ाता है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से योजना बना रहा था और उसे घर की व्यवस्था, सुरक्षा और तिजोरी के बारे में पूरी जानकारी थी। इसी वजह से चोरी इतनी आसानी से हो सकी। यदि परिवार को पहले से शक होता या सुरक्षा उपाय मजबूत होते, तो शायद वारदात टाली जा सकती थी।

इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को परिवार ने अपने घर में जगह दी, वही सबसे बड़ा गुनहगार निकला। व्यापारी समुदाय में भी चिंता है कि पारिवारिक भरोसे और कारोबारी सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी का कोई और माल भी बाजार में बेचा गया या कहीं छिपाया गया है। साथ ही, यह भी जांच हो रही है कि क्या आरोपियों के किसी अन्य गिरोह से संबंध हैं या नहीं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अपराध केवल बाहरी लोगों से ही नहीं, बल्कि भरोसे के दायरे के भीतर से भी हो सकता है। ऐसे मामलों में परिवारों और व्यापारियों को सतर्क रहने, सुरक्षा उपाय मजबूत करने और वित्तीय लेन-देन पर नजर रखने की आवश्यकता है।

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