जींद जिले से गुजर रहे 152-डी नेशनल हाईवे पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई, जिससे कार में सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयानक था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। घटना के बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक यह हादसा जींद जिले के पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में बनिया खेड़ा गांव के पास स्थित जम्मू-कटरा टोल प्लाजा के नजदीक हुआ। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे चार युवक क्रेटा कार में सवार होकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनके आगे चल रहे ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। तेज गति के कारण कार चालक समय रहते वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाया और कार सीधे ट्रक के पीछे जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य वाहन चालकों और राहगीरों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोककर घायलों की मदद की और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी।
घटना के बारे में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गांव कंडेला निवासी रजनीश ने पुलिस को शिकायत दी है। रजनीश ने बताया कि वह पंचकूला के सेक्टर-16 में स्थित बिग हैप्पी कंपनी में नौकरी करता है। बुधवार सुबह वह अपने साथियों के साथ दिल्ली जाने के लिए निकला था। कार में उसके साथ 39 वर्षीय मनमोहन निवासी सीसवाल जिला हिसार, 25 वर्षीय कर्ण मेहरा निवासी नैनीताल (उत्तराखंड) और आकाश निवासी भैंसा जिला चंदौली (उत्तर प्रदेश) मौजूद थे।
रजनीश ने बताया कि जब वे 152-डी नेशनल हाईवे पर जींद जिले के पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में पहुंचे तो बनिया खेड़ा के पास स्थित जम्मू-कटरा टोल प्लाजा के नजदीक आगे चल रहे ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। कार तेज रफ्तार में होने के कारण चालक वाहन को समय पर नहीं रोक पाया और कार ट्रक के पीछे जा टकराई। इस भीषण टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें एंबुलेंस की मदद से नागरिक अस्पताल जींद पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद मनमोहन और कर्ण मेहरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं रजनीश और आकाश की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना पिल्लूखेड़ा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को सड़क किनारे हटवाया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात को सुचारू किया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई थी।
जांच अधिकारी संजीत कुमार ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि ट्रक का नंबर और चालक की पहचान की जा सके। जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना का कारण बनने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। जैसे ही परिजनों को इस घटना की सूचना मिली, वे तुरंत जींद पहुंच गए। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 152-डी नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार वाहन चालक सामने चल रहे वाहनों से पर्याप्त दूरी नहीं रखते, जिससे अचानक ब्रेक लगने पर इस तरह के हादसे हो जाते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी हुई है। वहीं घायलों का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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