उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रिश्तों को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और अपने ही करीबी दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल इलाके में दहशत फैला दी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि शक, गुस्सा और टूटते रिश्ते किस तरह एक भयावह अंजाम तक पहुंच सकते हैं।

यह घटना ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र की बुध बाजार कॉलोनी में सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे हुई। आरोपी राशिद ने अपनी पत्नी शबनम (36) और अपने दोस्त फहीम (32) को अपने ही घर में गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, राशिद और फहीम के बीच करीब 20 साल पुरानी दोस्ती थी। दोनों साथ में बांस-बल्लियों का कारोबार करते थे और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। इसी नजदीकी ने धीरे-धीरे एक खतरनाक मोड़ ले लिया। जांच में सामने आया कि फहीम और शबनम के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं और दोनों शादी करने की योजना बना रहे थे।
बताया जा रहा है कि इस संबंध की जानकारी राशिद को भी हो गई थी, जिससे वह अंदर ही अंदर गुस्से और आक्रोश में था। परिवार के सदस्यों, खासकर बच्चों ने भी पुलिस को बताया कि घर में इस बात को लेकर अक्सर तनाव रहता था। शबनम अपने पति से नाराज रहती थी और फहीम के साथ नया जीवन शुरू करना चाहती थी।
घटना की रात राशिद ने एक सोची-समझी योजना के तहत फहीम को घर बुलाया। उसने पत्नी शबनम को भी उसी कमरे में रोक लिया और बाकी बच्चों को बाहर भेज दिया। उस समय उसका बड़ा बेटा रिहान अपनी पत्नी के साथ अशोक विहार में ससुराल गया हुआ था, जिससे घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।
कमरे के अंदर तीनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। इसी दौरान राशिद ने तमंचा निकाला और पहले फहीम के सिर में गोली मारी, फिर शबनम को भी निशाना बनाकर गोली चला दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत फरार हो गया।
इस खौफनाक घटना का एक मासूम गवाह भी सामने आया—राशिद का ही एक बच्चा, जिसने पूरी घटना देखी। पुलिस के अनुसार, गोली चलने के बाद बच्चे ने रोते हुए बताया, “पापा ने मम्मी और अंकल को गोली मार दी।” इस बयान ने घटना की भयावहता को और भी गहरा कर दिया है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। फहीम के पिता नईम की शिकायत पर राशिद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह हत्या पूर्व नियोजित थी। राशिद ने दोनों को एक साथ कमरे में बुलाया, बच्चों को बाहर भेजा और सही मौके का इंतजार किया। इससे यह संकेत मिलता है कि उसने पहले से ही इस घटना की योजना बना रखी थी।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है—फहीम का आपराधिक इतिहास। पुलिस के अनुसार, फहीम पहले भी कई मामलों में आरोपी रह चुका है, जिनमें चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस शामिल हैं। वह अविवाहित था और नशे का आदी भी बताया जा रहा है। वहीं राशिद भी पहले चोरी के मामले में जेल जा चुका है।
घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। शबनम और राशिद के सात बच्चे हैं, जिनमें सबसे छोटा बच्चा डेढ़ साल का है। इन बच्चों के सिर से एक ही झटके में मां का साया उठ गया और पिता फरार हो गया। उनका भविष्य अब अनिश्चितता में डूबा हुआ है।
पड़ोसियों के अनुसार, घटना से कुछ घंटे पहले शबनम के चार बच्चे उनके घर आए थे और बताया था कि उन्हें डर लग रहा है। यह बात अब इस घटना के संदर्भ में और भी ज्यादा गंभीर लगती है। आधी रात को जब पुलिस सायरन बजाते हुए पहुंची, तब आसपास के लोगों को इस खौफनाक वारदात का पता चला।
इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या रिश्तों में बढ़ती दूरी और अविश्वास ऐसे अपराधों को जन्म दे रहे हैं? क्या गुस्से और भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाने की वजह से लोग इस हद तक पहुंच जाते हैं? यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने की एक दुखद कहानी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल, सबसे बड़ी चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो इस दर्दनाक घटना के बाद अकेले पड़ गए हैं।
अंततः, यह घटना एक कड़वा सच सामने लाती है—जब रिश्तों में भरोसा खत्म हो जाता है, तो उसका अंजाम अक्सर बेहद खतरनाक होता है। गुस्से में लिया गया एक फैसला कई जिंदगियों को तबाह कर देता है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी स्थिति में हिंसा कभी समाधान नहीं हो सकती।
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