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उन्नाव में दर्दनाक हादसा: अंतिम संस्कार से लौट रहे तीन लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत, परिवारों में मचा कोहराम

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक बेहद दुखद सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं। यह हादसा उस समय हुआ, जब तीन लोग एक बुजुर्ग रिश्तेदार के अंतिम संस्कार से लौट रहे थे। रास्ते में किसी अज्ञात वाहन की टक्कर ने उनकी जिंदगी छीन ली। यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल सकती हैं।

यह दुर्घटना उन्नाव जिले के बेहटामुजावर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर हुई। जानकारी के मुताबिक, हरदोई जिले के रहने वाले तीन लोग—राजू राठौर (55), रामबालक यादव (50) और पवन यादव (48)—एक ही बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। ये तीनों दिन में एक बुजुर्ग रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गए थे।

बताया जा रहा है कि हरदोई जिले के कासिमपुर थाना क्षेत्र के अटिया गांव निवासी रामजीवन का बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार के लिए परिवार और रिश्तेदार नानामऊ घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर शाम तीनों व्यक्ति एक ही बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव की ओर निकल पड़े।

मंगलवार रात करीब 9 बजे जब वे गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से गुजर रहे थे, तभी बेहटामुजावर क्षेत्र के रानीपुर गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार हो गया।

इस घटना की सबसे दुखद बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। सड़क पर अंधेरा और सुनसान होने के कारण घायल काफी देर तक वहीं पड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद, रात लगभग 10:30 बजे, जब कुछ ग्रामीण उसी रास्ते से गुजरे, तब उन्होंने सड़क किनारे पड़े तीनों लोगों को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही बेहटामुजावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को तुरंत बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई और परिवारों में कोहराम मच गया।

हादसे की जांच के दौरान पुलिस को मौके पर एक बोलेरो गाड़ी का टूटा हुआ बंपर मिला है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि टक्कर बोलेरो वाहन से हुई होगी। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी वाहन की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था और वे एक ही बाइक पर सवार थे। यह दोनों बातें हादसे की गंभीरता को बढ़ाने वाली साबित हुईं। यदि वे सुरक्षा नियमों का पालन करते, तो संभव है कि इस दुर्घटना का परिणाम इतना भयावह न होता।

मृतकों के परिवारों पर इस हादसे का गहरा असर पड़ा है। राजू राठौर के परिवार में उनके बेटे भगौती और पत्नी राजेश्वरी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं रामबालक यादव के बेटे अखिलेश ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पवन यादव के परिवार में उनकी पत्नी शांति देवी, मां सरस्वती और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं।

तीनों मृतक साधारण किसान थे और अपने परिवारों की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उनकी अचानक मौत से न केवल भावनात्मक बल्कि आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने में जुटे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अक्सर यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, जैसे हेलमेट न पहनना, एक बाइक पर तीन लोगों का सवार होना और रात में बिना पर्याप्त रोशनी के यात्रा करना। ये सभी बातें दुर्घटनाओं के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी वाहन को पकड़ लिया जाएगा। बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी के अनुसार, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह हादसा हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर थोड़ी सी सावधानी कितनी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। हेलमेट पहनना, यातायात नियमों का पालन करना और सुरक्षित गति से वाहन चलाना केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

अंततः, यह घटना तीन परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गई है। एक तरफ वे अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार से लौट रहे थे, वहीं दूसरी ओर उसी दिन उन्हें तीन और अपनों को खोना पड़ा। यह दर्द और सदमा लंबे समय तक उनके जीवन का हिस्सा बना रहेगा।

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