हरियाणा सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए करीब 3 लाख किशोर लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन निशुल्क लगाने का फैसला किया गया है। यह पहल खासतौर पर उन बेटियों के लिए है, जो किशोरावस्था में हैं और भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार इसे मिशन मोड में लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक 3280 के करीब लड़कियों को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है और जल्द ही इस संख्या में तेजी से बढ़ोतरी की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में 14 वर्ष की आयु की लड़कियों की सही पहचान करने के लिए विशेष सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि इस अभियान के तहत उन किशोरियों को कवर किया जाए, जिन्होंने 14 वर्ष की उम्र पूरी कर ली है, लेकिन अभी 15 साल की नहीं हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस उम्र में HPV वैक्सीन लगवाने से इसका सबसे अधिक फायदा मिलता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है।
इस योजना की शुरुआत 28 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा की गई थी। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग लगातार जिलों में टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी पात्र किशोरी को इस सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
विशेषज्ञों के मुताबिक, HPV वैक्सीन महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में बेहद प्रभावी साबित होती है। यह वैक्सीन HPV वायरस के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देती है, जो इस कैंसर के प्रमुख कारण होते हैं। इसके अलावा यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव प्रदान करती है, जिससे अन्य संबंधित बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने टीकाकरण को लेकर कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि किशोरी ने कुछ खाया हो और वह खाली पेट न हो। इसके साथ ही टीकाकरण के बाद कम से कम 30 मिनट तक उसे निगरानी में रखा जाए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत सहायता मिल सके।
इस पूरे अभियान को सफल बनाने में मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ की अहम भूमिका है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे न केवल सावधानीपूर्वक टीकाकरण करें, बल्कि लड़कियों और उनके परिवारों को वैक्सीन से जुड़ी सही जानकारी भी दें, ताकि किसी प्रकार का डर या भ्रम न फैले।
सरकार का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक आम और गंभीर बीमारी मानी जाती है। समय रहते टीकाकरण के जरिए इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। ऐसे में यह पहल प्रदेश की लाखों बेटियों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।
इसी के साथ स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मुक्त हरियाणा अभियान पर भी जोर दिया। विश्व टीबी दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि राज्य को टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें भारत को तय समय से पहले टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार टीबी के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं।
हरियाणा सरकार की ये दोनों पहल—HPV वैक्सीनेशन और टीबी उन्मूलन—राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं। एक तरफ जहां बेटियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर टीबी जैसी संक्रामक बीमारी को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
कुल मिलाकर, सरकार का यह प्रयास न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल है। आने वाले समय में इन योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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