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तेज रफ्तार एंबुलेंस बनी मौत का कारण: फतेहाबाद में बाइक सवार बुजुर्ग दंपत्ति की दर्दनाक मौत, दो बच्चे गंभीर

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव दरियापुर के पास तेज रफ्तार एंबुलेंस की टक्कर से मोटरसाइकिल पर सवार बुजुर्ग दंपत्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ बैठे दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

रिश्तेदार से मिलने जा रहा था परिवार

जानकारी के अनुसार, गांव मानावाली निवासी 66 वर्षीय सतपाल अपनी 65 वर्षीय पत्नी सरबती के साथ सिरसा में किसी रिश्तेदार से मिलने के लिए निकले थे। उनके साथ उनके परिवार के दो बच्चे—दोहता जमाई और दोहती लक्ष्मी देवी—भी मोटरसाइकिल पर सवार थे।

परिवार का यह सफर एक सामान्य मुलाकात के लिए शुरू हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगी।

करनौली मोड़ पर हुआ हादसा

जब परिवार गांव करनौली मोड़ के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रही एक निजी एंबुलेंस ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एंबुलेंस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार सभी चार लोग सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।

अस्पताल पहुंचते ही तोड़ दिया दम

स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को तुरंत फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने सतपाल और उनकी पत्नी सरबती को मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों के अनुसार, दोनों को गंभीर चोटें आई थीं और हादसा इतना भयानक था कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं, दोनों बच्चों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई थी।

घायलों को किया गया अग्रोहा रेफर

दोहता जमाई और दोहती लक्ष्मी देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।

परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चों को सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के सदस्य लगातार उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया है। जो लोग कुछ घंटों पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने निकले थे, उनके घर अब दो शव पहुंचे हैं। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सतपाल और सरबती बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी अचानक मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर एंबुलेंस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही एंबुलेंस चालक की तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

तेज रफ्तार और लापरवाही पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है। खासतौर पर एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों से ऐसी दुर्घटना होना गंभीर चिंता का विषय है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस चालकों को भी नियमों का पालन करना चाहिए और अनावश्यक तेज गति से वाहन नहीं चलाना चाहिए। किसी एक की लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर जरूरत जागरूकता की

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। वाहन चालकों को यह समझना होगा कि सड़क पर उनकी एक छोटी सी गलती किसी की जान ले सकती है।

इसके अलावा प्रशासन को भी ऐसे मामलों में सख्ती दिखानी होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

गांव में पसरा मातम, न्याय की मांग

हादसे के बाद गांव मानावाली और आसपास के इलाकों में शोक की लहर है। लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और ऐसी घटना दोबारा किसी के साथ न हो, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।

निष्कर्ष

फतेहाबाद का यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देने वाली घटना है। बुजुर्ग दंपत्ति की मौत और बच्चों की गंभीर हालत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

यह घटना एक चेतावनी है कि सड़क पर जिम्मेदारी और सावधानी कितनी जरूरी है। अगर समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो ऐसे हादसे आगे भी कई परिवारों को उजाड़ सकते हैं।

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