हरियाणा के फरीदाबाद से आई एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर एक पिता की क्रूरता सामने आई, वहीं दूसरी ओर एक मासूम बच्चे की अद्भुत बहादुरी और जीने की चाह ने हर किसी को हैरान कर दिया। यह कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और उम्मीद की मिसाल बन गई है।

घटना रविवार रात की है, जब एक सिविल इंजीनियर अपने दो बेटों के साथ घर से निकला। उसने परिवार से कहा कि वह बच्चों को घुमाने के लिए ले जा रहा है। घरवालों को यह एक सामान्य बात लगी, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है।
बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति अपने दोनों बेटों—9 साल के सम्राट और 5 साल के युग—को लेकर आगरा नहर के पास पहुंचा। रात का समय था और आसपास ज्यादा लोग भी मौजूद नहीं थे। इसी मौके का फायदा उठाकर उसने एक खौफनाक कदम उठाया। पहले उसने बड़े बेटे सम्राट को नहर में धक्का दे दिया। इसके बाद छोटे बेटे को गोद में लेकर खुद भी नहर में कूद गया।
तेज बहाव वाली नहर में गिरते ही तीनों पानी के साथ बहने लगे। यह स्थिति किसी भी इंसान के लिए डरावनी होती है, खासकर एक छोटे बच्चे के लिए। लेकिन सम्राट ने उस समय जो साहस दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है।
सम्राट करीब 5 किलोमीटर तक नहर के तेज बहाव में बहता रहा। इस दौरान उसने खुद को बचाने के लिए लगातार संघर्ष किया। तभी उसकी नजर नहर के किनारे एक पेड़ की टहनी पर पड़ी, जो पानी के अंदर तक झुकी हुई थी। उसने किसी तरह उस टहनी को पकड़ लिया और अपनी जान बचाने की कोशिश में जुट गया।
पूरी रात वह उसी टहनी के सहारे पानी में लटका रहा। ठंडी रात, गहरा अंधेरा और शरीर में धीरे-धीरे खत्म होती ताकत—इन सबके बावजूद उसने उम्मीद नहीं छोड़ी। करीब 9 घंटे तक वह जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा। ठंड के कारण उसका शरीर सुन्न पड़ चुका था और रंग भी सफेद हो गया था, लेकिन उसकी पकड़ ढीली नहीं पड़ी।
सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक युवक अपने दोस्त के साथ नहर किनारे टहलने आया। अचानक उसे किसी बच्चे की धीमी आवाज सुनाई दी—“बचाओ-बचाओ।” पहले तो उसे लगा कि शायद कोई भ्रम है, लेकिन जब उसने ध्यान से देखा तो नहर के बीच एक टहनी पकड़े एक बच्चा नजर आया।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए युवक ने तुरंत नहर में छलांग लगा दी। अपने दोस्त की मदद से वह बच्चे तक पहुंचा और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जब बच्चे को बाहर लाया गया, तब उसकी हालत बेहद खराब थी। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण वह ठंड से कांप रहा था और उसका शरीर बिल्कुल सुन्न हो चुका था।
युवक उसे तुरंत अपने घर ले गया, जहां उसके गीले कपड़े बदले गए और उसे गर्म कंबल में लपेटा गया। परिवार ने उसकी हालत को देखते हुए उसे चाय और बिस्किट दिए, जिससे धीरे-धीरे वह सामान्य होने लगा।
कुछ समय बाद जब बच्चे की हालत थोड़ी सुधरी, तो उससे उसके परिवार के बारे में पूछा गया। उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया। युवक ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चे को अपने साथ ले गए।
जब बच्चे से पूछा गया कि वह नहर में कैसे गिरा, तो उसका जवाब सुनकर सभी सन्न रह गए। उसने मासूमियत से कहा—“पापा ने मुझे धक्का दिया।” यह सुनते ही पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी पिता और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। हालांकि, इस विवाद की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
घटना के बाद से ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम नहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। उनका मकसद पिता और छोटे बेटे का पता लगाना है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि आरोपी पिछले कुछ सालों से अपने माता-पिता से अलग रह रहा था और उनसे ज्यादा संपर्क में नहीं था। हालांकि, परिवार के मुताबिक कोई बड़ी परेशानी नहीं थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच कुछ तनाव जरूर था।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या एक छोटा सा पारिवारिक विवाद इतना बड़ा रूप ले सकता है कि एक पिता अपने ही बच्चों की जान लेने पर उतारू हो जाए? यह सोचकर ही दिल दहल जाता है।
दूसरी ओर, इस घटना में इंसानियत की एक मिसाल भी देखने को मिली। जिस युवक ने बच्चे की जान बचाई, उसने बिना अपनी जान की परवाह किए नहर में छलांग लगा दी। अगर वह समय पर वहां नहीं पहुंचता, तो शायद कहानी कुछ और होती।
सबसे बड़ी बात यह है कि 9 साल के इस बच्चे ने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह हर किसी के लिए प्रेरणा है। इतनी छोटी उम्र में उसने जिस तरह मौत को मात दी, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि मुश्किल हालात में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। साथ ही, यह भी जरूरी है कि पारिवारिक विवादों को समझदारी से सुलझाया जाए, ताकि वे किसी बड़े हादसे का रूप न ले लें।
फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी को पिता और छोटे बेटे के बारे में किसी खबर का इंतजार है। यह घटना लंबे समय तक लोगों के दिलों में एक दर्दनाक लेकिन प्रेरणादायक कहानी के रूप में याद रखी जाएगी।
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