पेड़-पौधों को राखी बाँधकर मनायें वृक्ष रक्षाबंधन: अनूप मिश्रा

प्राथमिक विद्यालय बंधवा ओसियाँ को मिला ‘ग्रीन स्कूल ऑफ उन्नाव’ अवार्ड, बच्चों ने 11 पौधे लगाकर लिया संरक्षण का संकल्प
सौरभ शेखर श्रीवास्तव की रिपोर्ट। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। इसी पवित्र परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए उन्नाव में पर्यावरण प्रेमी पुलिस अधिकारी एवं ‘ट्री मैन’ के रूप में पहचान बना चुके वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनूप मिश्र अपूर्व द्वारा ‘वृक्ष रक्षाबंधन’ अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों, विशेषकर बच्चों में पेड़-पौधों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।

इसी अभियान के तहत बीघापुर क्षेत्र के ओसियाँ स्थित प्राथमिक विद्यालय बंधवा में पर्यावरण रक्षा उत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय में सहायक अध्यापक गरिमा गुप्ता के संचालन एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विद्यालय परिसर में लगे पेड़-पौधों को पर्यावरण राखी बांधी और उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। वहीं छात्राओं ने ‘ट्री मैन’ अनूप मिश्र को भी राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके प्रयासों के लिए सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

इस अवसर पर अनूप मिश्र ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल मनुष्यों के बीच रिश्तों की रक्षा का पर्व नहीं है, बल्कि इसे प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा से भी जोड़ा जा सकता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी तरह प्रत्येक व्यक्ति को पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास लगे पेड़-पौधों को परिवार के सदस्य की तरह समझें और उनकी नियमित देखभाल करें।
उन्होंने कहा कि “पेड़-पौधे हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी रक्षा करना केवल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का पक्का भरोसा है।” उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ लगाए गए पौधों को जीवित रखने और उनकी नियमित देखभाल पर भी विशेष जोर दिया।

बच्चों ने लगाए 11 पौधे
वृक्ष रक्षाबंधन कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए विद्यालय परिसर में बच्चों एवं विद्यालय परिवार द्वारा पौधरोपण भी किया गया। ‘ट्री मैन’ अनूप मिश्र के साथ विद्यालय के बच्चों ने बरगद सहित कुल 11 पौधे लगाए। पौधरोपण के बाद बच्चों और शिक्षकों ने पौधों की पूजा-अर्चना कर उनकी रक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

बरगद संरक्षण अभियान के तहत विद्यालय की प्रधानाध्यापक आरती वर्मा, सहायक शिक्षिका गरिमा गुप्ता, सुनीता सिंह, शिक्षा मित्र संतोष कुमार, रसोइया सावित्री सिंह एवं रानी सिंह तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण में भाग लिया। बच्चों को बताया गया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

प्राथमिक विद्यालय बंधवा को मिला ‘ग्रीन स्कूल ऑफ उन्नाव’ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विद्यालय बंधवा, ओसियाँ को ‘ग्रीन स्कूल ऑफ उन्नाव’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। विद्यालय में हरियाली को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों में जागरूकता पैदा करने और पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया।
विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को शिक्षा का हिस्सा बनाने तथा बच्चों को प्रकृति के करीब लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनूप मिश्र द्वारा विद्यालय के शिक्षकों को ‘पर्यावरण प्रहरी वृक्ष मित्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

इस सम्मान से प्रधानाध्यापक आरती वर्मा, सहायक शिक्षक गरिमा गुप्ता, सुनीता सिंह एवं शिक्षा मित्र संतोष कुमार को विद्यालय में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल रहा।

बच्चों के संदेशों ने जीता दिल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। सहायक अध्यापक गरिमा गुप्ता के मार्गदर्शन में बच्चों द्वारा तैयार किए गए हरित बधाई पत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इन बधाई पत्रों में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, वृक्षों की सुरक्षा और हरित वातावरण से जुड़े संदेश लिखे थे।

‘ट्री मैन’ अनूप मिश्र ने बच्चों द्वारा बनाए गए इन हरित बधाई पत्रों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यदि बचपन से ही बच्चे पेड़-पौधों और प्रकृति के महत्व को समझेंगे तो वे बड़े होकर पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, त्योहारों और अन्य विशेष अवसरों पर पौधरोपण को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना भविष्य के लिए एक अनमोल उपहार देने के समान है।

शिक्षकों ने लिया हरित वातावरण का संकल्प
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने भी बच्चों को पौधों की देखभाल, वृक्षों की सुरक्षा और विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने संकल्प लिया कि विद्यालय परिसर में हरियाली को लगातार बढ़ावा दिया जाएगा तथा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
विद्यालय परिवार ने कहा कि बच्चों को किताबों के माध्यम से पर्यावरण का ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें व्यवहारिक रूप से प्रकृति से जोड़ना जरूरी है। पौधरोपण, पौधों की देखभाल, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
रसोइयों को मिला ‘माता अन्नपूर्णा सेवा सम्मान’
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार कर सेवा एवं समर्पण की मिसाल पेश करने वाली विद्यालय की रसोइया माता रानी और सावित्री को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दोनों रसोइयों को उपहार भेंट कर ‘माता अन्नपूर्णा सेवा सम्मान’ प्रदान किया गया।

सम्मान मिलने पर दोनों रसोइयों में खुशी का माहौल रहा। इस अवसर पर उनके सेवाभाव और बच्चों के प्रति समर्पण की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे प्रतिदिन बच्चों के लिए भोजन तैयार कर सेवा और जिम्मेदारी का निर्वहन करती हैं।
रक्षाबंधन को पर्यावरण रक्षा उत्सव बनाने की अपील
अनूप मिश्र ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्वों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है।
उन्होंने बच्चों से कहा कि वे इस रक्षाबंधन पर अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर किसी पेड़ को राखी बांधें और उसकी सुरक्षा का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पेड़ को अपना ‘भाई’ या ‘परिवार का सदस्य’ मानकर उसकी रक्षा करने लगे तो पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश जन-जन तक पहुंच सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “पेड़ लगाइए, पेड़ बचाइए और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार कीजिए। रक्षाबंधन पर वृक्षों को राखी बांधकर प्रकृति के साथ रक्षा का रिश्ता मजबूत करें।”
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार, बच्चों और उपस्थित लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल, अधिक से अधिक पौधरोपण तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में लगाए गए 11 पौधों को बच्चों ने अपनी जिम्मेदारी मानते हुए उनकी देखभाल करने का भरोसा दिलाया।

प्राथमिक विद्यालय बंधवा ओसियाँ में आयोजित यह पर्यावरण रक्षा उत्सव इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि रिश्तों की रक्षा के साथ प्रकृति की रक्षा भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को वृक्ष रक्षाबंधन के रूप में मनाने की यह पहल बच्चों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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