एनसीईआरटी ने नकली पाठ्यपुस्तकों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ संयुक्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में स्थित जावली गांव के एक प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया, जहां से विभिन्न कक्षाओं और विषयों की करीब 32 हजार नकली एनसीईआरटी किताबें बरामद की गईं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि जावली गांव में एक प्रिंटिंग प्रेस में बिना अनुमति एनसीईआरटी की किताबों की छपाई की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान एनसीईआरटी के प्रकाशन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पायरेटेड पुस्तकों की पहचान और सत्यापन में तकनीकी सहयोग दिया।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अलग-अलग कक्षाओं की एनसीईआरटी की नकली पाठ्यपुस्तकें जब्त की गईं। इसके साथ ही पुलिस ने दो प्रिंटिंग मशीनें, एल्युमिनियम की प्रिंटिंग प्लेटें, पेपर रोल और प्रिंटिंग इंक भी बरामद की। इन सामग्रियों से यह साफ हुआ कि प्रेस में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध छपाई का काम चल रहा था।
बताया गया कि यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा नवंबर में दर्ज किए गए एक पुराने मामले में सामने आई जानकारी के आधार पर की गई। जांच के दौरान इस अवैध नेटवर्क का सुराग मिला, जिसके बाद छापेमारी की योजना बनाई गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली किताबों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।
एनसीईआरटी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिषद की पुस्तकों की बिना अनुमति छपाई, वितरण या बिक्री करना कानूनन अपराध है। यह न केवल कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे छात्रों को घटिया गुणवत्ता की किताबें मिलती हैं, जिनमें गलत या अधूरी सामग्री होने की आशंका रहती है। इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और सीखने की प्रक्रिया पर पड़ता है।
एनसीईआरटी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे पाठ्यपुस्तकें केवल अधिकृत विक्रेताओं और मान्य स्रोतों से ही खरीदें। यदि कहीं भी नकली या संदिग्ध किताबों की जानकारी मिले, तो उसकी शिकायत तुरंत एनसीईआरटी या स्थानीय प्रशासन को दें।
इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नकली पुस्तकों के नेटवर्क पर आगे भी सख्त निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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