Breaking News

क्या है बिहार पुलिस का 5 प्रण ? कोड 100-75-30-20-0, विस्तार से जानिए…

डेस्क। बिहार में अपराधियों पर नकेल कसने को लेकर बिहार पुलिस तत्पर दिख रही है और लगातार नए-नए तरीके भी अपना रही है. अब जब बिहार पुलिस सप्ताह मनाया जा रहा है तो डीजीपी आरएस भट्टी ने पुलिसकर्मियों को पांच प्रण का फॉर्मूला दिया है जो आम लोगों की राहत के लिए है.

बिहार के डीजीपी आर एस भट्ठी ने बिहार पुलिस के ‘पांच प्रण’ का फॉर्मूला तैयार किया है. ‘पांच प्रण’ का कोड 100-75-30-20-0 रखा गया है. डीजीपी ने इस फॉर्मूले पर काम करने के निर्देश दिये हैं.

‘पांच प्रण’ में सबसे पहला अंक 100

बिहार पुलिस के ‘पांच प्रण’ में सबसे पहला 100 नंबर है. यानी थानों में शिकायत या एफआइआर दर्ज कर वादी को प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराना. दूसरा महिला अपराध की सुनवाई से लेकर कार्रवाई महिला पुलिस पदाधिकारियों द्वारा करना और महिलाएं डायल-112 पर कॉल करेंगी तो महिला कर्मी ही उठाएंगी. गांव या मोहल्ला में अपराध सर्वेक्षण करना और नागरिकों को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ना. सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी और सक्रिय अपराधी की 24X7 निगरानी रखना है.

‘पांच प्रण’ में दूसरा अंक 75

बिहार पुलिस के ‘पांच प्रण’ में दूसरा अंक 75 है. इसके बारे में बताया गया कि टॉप-10 अपराधियों की गिरफ्तारी एवं हिंसक अपराधों का उद्भेदन करना और 75 दिनों में अनुसंधान का निष्पादन करना है.

‘पांच प्रण’ में तीसरा नंबर पर 30 अंक

वहीं, ‘पांच प्रण’ में तीसरा नंबर पर 30 अंक है. इसमें थाना पर नागरिकों को 30 मिनट में सेवा उपलब्ध कराना है. 30 दिनों में जांच को पूर्ण करना एवं वादी को नि:शुल्क प्रति उपलब्ध कराना, नागरिक सेवाओं जैसे चरित्र सत्यापन आदि को 30 मिनट में पूर्ण करना शामिल है.

‘पांच प्रण’ में चौथा अंक 20

‘पांच प्रण’ में चौथा अंक 20, इसके बारे में बताया गया है कि आपातकालीन सेवा डायल-112 किसी भी हिस्से में 20 मिनट में पहुंच जाएगी. लापता व्यक्तियों की सूचना पर पुलिस के पहुंचने का समय और अपराध के घटनास्थल पर पहुंचने का समय है. साथ ही न्यायालय से प्राप्त समन व वारंट तामिला 20 दिनों में करने का लक्ष्य है.

पांच प्रण का अंतिम अंक शून्य

पांच प्रणों का अंतिम अंक शून्य है यानी जीरो टॉलरेंस। जिसके लिए बताया गया कि नागरिक सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं।

बिहार पुलिस के 5 प्रणों में महिला अपराध के विरुद्ध, रंगदारी के विरुद्ध, भ्रष्टाचार के विरुद्ध, अधिकारिक पद दुरुपयोग और अनुचित आचरण, पुलिस स्टेशन के खराब रख रखाव तथा वर्दी का अनुचित पहनावा को शामिल किया गया है.

Check Also

मोहर्रम जुलूस हादसा :: हाई टेंशन तार की चपेट में आया ताजिया, करंट लगने से दर्जनों लोग झुलसे

    डेस्क। बिहार के अररिया में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया …

दरभंगा मद्य निषेध को मिली बड़ी कामयाबी, 51 लाख रूपये के 421 कार्टून विदेशी शराब लदे ट्रक को पकड़ा, कार एवं पिकअप को भी किया जप्त

  सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट। दरभंगा जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में सहायक …

दरभंगा में पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या

    डेस्क। बिहार के दरभंगा से बड़ी खबर सामने आ रही है। बिहार सरकार …