हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में एक 17 वर्षीय किशोर की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआत में इस घटना को एक सामान्य रेल हादसा माना गया था, लेकिन अब सामने आए नए तथ्यों के बाद मामला हत्या का बन गया है। आरोप है कि किशोर को उसके ही दोस्तों ने चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने परिवार के साथ-साथ समाज को भी हैरान कर दिया है।

मृतक की पहचान पलवल गांव निवासी गौरव के रूप में हुई है। गौरव ने हाल ही में 24 मार्च को अपना 17वां जन्मदिन मनाया था। परिवार के मुताबिक, जन्मदिन के मौके पर उसके कुछ दोस्त उसे हरिद्वार घुमाने के लिए अपने साथ ले गए थे। यह यात्रा खुशी और उत्सव के लिए शुरू हुई थी, लेकिन इसका अंत एक दर्दनाक हादसे में हुआ।
जानकारी के अनुसार, गौरव अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार गया, जहां सभी ने मिलकर जन्मदिन मनाया और घूमने-फिरने के बाद 30 मार्च को वापस लौटने का फैसला किया। सभी दोस्त अंबाला पहुंचे और वहां से ट्रेन के जरिए कुरुक्षेत्र की ओर रवाना हुए। इसी दौरान यह दुखद घटना घटी।
घटना के दिन दोपहर करीब 3 बजे गौरव की मां रीटा ने अपने बेटे से संपर्क किया। उस समय गौरव ने फोन पर बताया कि वह जल्द ही घर पहुंचने वाला है। उसने अपनी मां से कहा कि मामा विनय को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन भेज दें, ताकि वह उसे घर ले जा सकें। यह बातचीत उसकी आखिरी साबित हुई।
गौरव को लेने के लिए उसका मामा रेलवे स्टेशन पहुंच गया, लेकिन जब वह नहीं पहुंचा तो उन्होंने उसके दोस्त को फोन किया। परिजनों के अनुसार, उसी कॉल के दौरान दोस्त ने बताया कि गौरव को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया गया है। यह सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया और तुरंत मामले की सच्चाई जानने की कोशिश शुरू की।
परिजनों का आरोप है कि गौरव के साथ पहले ट्रेन में मारपीट की गई और उसके बाद उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया। उनका कहना है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। धक्का लगने के बाद गौरव ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी दोस्त मौके से फरार हो गए। परिवार ने इस मामले में पुलिस को एक अहम ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है, जिसमें कथित तौर पर धक्का देने की बात कही गई है। यह रिकॉर्डिंग अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है और पुलिस इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
शुरुआत में पुलिस ने इस घटना को एक हादसा मानते हुए पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन जब परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और सबूत पेश किए, तो राजकीय रेलवे पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।
GRP के थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद एक युवक को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस दोस्ती पर भरोसा किया जाता है, वही इतनी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। यह मामला समाज में रिश्तों की सच्चाई पर भी सवाल खड़े करता है।
गौरव के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता अपने बेटे को खोने के गम में टूट चुके हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो सबूत और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है कि कभी-कभी सबसे करीबी लोग ही सबसे बड़ा धोखा दे सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें इस मामले में न्याय मिलने पर टिकी हुई हैं।
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