कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने किसानों की खराब होती हालत और कर्नाटक को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देशभर में कई स्थानों पर प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें समय पर राहत नहीं मिल रही। उन्होंने मांग की कि सरकार को तत्काल फसलों के नुकसान का आकलन करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।

सुर्जेवाला ने कहा कि किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। बेमौसम बारिश, बाढ़ और जलभराव ने खेतों में खड़ी फसलों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और जब फसल ही नष्ट हो जाती है, तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे हालात में सरकार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में किसानों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहता है, जिससे जमीन की उर्वरता भी प्रभावित होती है। यह स्थिति आने वाले समय में कृषि उत्पादन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस समस्या को गंभीरता से ले और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में काम करे।
कर्नाटक के मुद्दे को उठाते हुए रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने केंद्र सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार का कन्नड़ विरोधी रवैया अब स्पष्ट हो चुका है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने कर्नाटक को उसके अधिकार का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये देने से इंकार कर दिया है, जो कि राज्य के विकास के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय अनदेखी नहीं, बल्कि राज्य के विकास को रोकने का प्रयास है। सुर्जेवाला के अनुसार, कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं को रोककर कर्नाटक के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे राज्य की प्रगति पर असर पड़ रहा है।
नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश को समानता और न्याय के सिद्धांतों पर चलाया जाना चाहिए। किसी भी राज्य के साथ राजनीतिक कारणों से भेदभाव करना संघीय ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, ताकि संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
सुर्जेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कर्नाटक को उसका बजटीय बकाया देने से बच रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल आर्थिक सहयोग देने में पीछे हट रही है, बल्कि कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का भी विरोध कर रही है।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने दोहराया कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और किसानों को बिना देरी के मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल माध्यम से सीधे किसानों के खातों में सहायता राशि पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इसके साथ ही उन्होंने सरकार को दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी। बेहतर सिंचाई व्यवस्था, जल निकासी के आधुनिक सिस्टम और मौसम की सटीक जानकारी देने वाली तकनीकों को बढ़ावा देकर किसानों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
अंत में रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को जवाबदेह बनाना जरूरी है।
इस बयान के माध्यम से उन्होंने एक ओर किसानों की तत्काल मदद की जरूरत पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। अब यह देखना होगा कि सरकार इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाती है और किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाती है।
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