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हक की लड़ाई में उजड़ा घर: चाची के तानों से टूटे भाई-बहन ने जहर खाकर दी जान”

बांदा जिले के नरैनी कस्बे में एक पारिवारिक विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पैतृक संपत्ति, गुजारा भत्ता और रिश्तों में आई कड़वाहट ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में बदल दिया। चाची द्वारा बार-बार हक और रुपये की मांग तथा तानों से आहत होकर भाई-बहन ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अतर्रा रोड निवासी प्रकाशचंद्र उर्फ मिठाई लाल गुप्ता के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके बेटे आनंद प्रकाश उर्फ सोम गुप्ता (30) और बेटी चंचल उर्फ सुभ्रता गुप्ता (34) सोमवार दोपहर घर से निकले और करीब चार किलोमीटर दूर बागै नदी किनारे जहर खा लिया। जब तक पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

प्रकाशचंद्र ने बताया कि वह चार भाई हैं और वर्ष 2004 में पैतृक संपत्ति का बंटवारा हो चुका था। सभी अपने-अपने हिस्से में रह रहे थे। उनके छोटे भाई सुभाषचंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सुधा गुप्ता के बीच लंबे समय से संबंध ठीक नहीं थे। पारिवारिक कलह के चलते सुधा वर्ष 2010 में मायके मिर्जापुर चली गई थीं।

इसी दौरान सुभाषचंद्र ने अपने हिस्से का मकान और दुकान अपने भतीजों आनंद और भाष्कर के नाम 3.40 लाख रुपये में रजिस्ट्री कर दी। उस समय सुधा मौजूद नहीं थीं। बाद में सुधा ने इसे गलत बताते हुए वर्ष 2015 में न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया। मामला वर्षों तक चला और 19 जनवरी को न्यायालय ने सुधा के पक्ष में फैसला सुनाया।

अदालत के आदेश के अनुसार सुधा को मकान में हिस्सा, दुकान का किराया, जेवर के एक लाख रुपये और दो हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया। इसी फैसले के बाद रविवार रात सुधा रामनगर स्थित घर पहुंचीं और अपने हक की मांग करने लगीं। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि बात तानों तक पहुंच गई।

परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान सुधा ने कहा कि “अगर हिस्सा या रुपये नहीं दे सकते तो जहर खाकर मर जाओ।” यही शब्द आनंद और सुभ्रता के दिल पर गहरे घाव बन गए। पढ़े-लिखे, शांत स्वभाव के ये दोनों भाई-बहन इस अपमान और मानसिक दबाव को सह नहीं पाए।

सुभ्रता की शादी इसी साल जून या नवंबर में कानपुर में तय थी। वह बीएससी पास थीं और परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं। आनंद एमएससी कर चुका था और घर की दुकान संभाल रहा था। लेकिन एक रात में सब कुछ खत्म हो गया।

पुलिस को घटनास्थल से जहर के पाउच और एक स्कूटी बरामद हुई है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह भी सवाल खड़े करती है कि क्या पैसों और संपत्ति के लिए रिश्तों की कीमत इतनी सस्ती हो गई है कि दो जिंदगियां खत्म हो जाएं।

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