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Budget Session 2026: संसद में आज से बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर टिकीं निगाहें

नई दिल्ली।

देश की संसद का बजट सत्र 2026 आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन से होगी। राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में केंद्र सरकार की अब तक की उपलब्धियों, नीतिगत फैसलों और आने वाले समय की प्राथमिकताओं का रोडमैप पेश करेंगी। इस संबोधन को आगामी आम बजट की दिशा और सोच का संकेत माना जा रहा है।

इस बार का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक है। 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा, जो संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ अवसर होगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस दिन अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इससे पहले किसी वित्त मंत्री ने इतनी बार लगातार बजट प्रस्तुत नहीं किया है।

संसद का यह बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। इसे दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद 13 फरवरी से 9 मार्च तक अवकाश रहेगा। दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होगी और इसके 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस बीच संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों और अनुदान मांगों की गहन समीक्षा करेंगी।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार आर्थिक सर्वेक्षण आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है, जिसे एक नया प्रयोग माना जा रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई, रोजगार और वैश्विक चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

बजट से पहले नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह परंपरा बजट प्रक्रिया के अंतिम और गोपनीय चरण की शुरुआत का प्रतीक होती है, जिसके बाद बजट दस्तावेज सार्वजनिक होने तक अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं।

इस बजट सत्र में सरकार के सामने कई अहम चुनौतियां हैं। लोकसभा में इस समय नौ महत्वपूर्ण विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड 2025 और संविधान संशोधन विधेयक 2024 शामिल हैं। इसके अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, अमेरिका की टैरिफ नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव भी भारत की आर्थिक रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं।

महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे में निवेश और मध्यम वर्ग को राहत—इन सभी मुद्दों पर इस बजट से बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में बजट सत्र 2026 न सिर्फ आर्थिक, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

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