लाल निशानों ने छीनी नींद, सड़कों पर आने का डर
बरेली के खलीलपुर रोड और कोहाड़ापीर इलाके में इन दिनों डर और अनिश्चितता का माहौल है। नगर निगम की ओर से घरों और दुकानों के बाहर लगाए गए लाल निशानों ने सैकड़ों परिवारों की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (CM-GRID) योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के नाम पर करीब 300 घरों और 60 दुकानों को अतिक्रमण बताकर चिन्हित किया गया है।

नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी का कहना है कि ये निर्माण सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे हैं और पूरी तरह अवैध हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नोटिस जारी हो चुके हैं और तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया तो बुलडोजर चलाया जाएगा। इतना ही नहीं, कार्रवाई का खर्च भी भवन स्वामियों से वसूला जाएगा।
लेकिन दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का दर्द कुछ और ही कहानी बयां करता है। महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि उनके घर 80 से 100 साल पुराने हैं, जो पीढ़ियों से बसे हुए हैं। मेहनत-मजदूरी से बनाए गए इन आशियानों के टूटने का मतलब है—पूरे परिवार का सड़क पर आ जाना। लोगों का सवाल है कि जब सड़क पहले से ही करीब 12 मीटर चौड़ी है, तो फिर घर तोड़ने की ज़रूरत क्यों?
लोगों ने मुआवजे की मांग भी उठाई है और प्रशासन से पुनर्विचार की अपील की है। फिलहाल इलाके में डर, गुस्सा और बेबसी—तीनों साफ दिखाई दे रहे हैं।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !