देश के लाखों विद्यार्थियों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज से आरंभ हो गई हैं। इस वर्ष दोनों कक्षाओं में मिलाकर 43 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारु संचालन के लिए देशभर में व्यापक तैयारी की है और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

पहले दिन किन विषयों से शुरुआत
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए गणित (बेसिक) और गणित (स्टैंडर्ड) का प्रश्नपत्र आयोजित किया जा रहा है। वहीं कक्षा 12 की परीक्षाएं बायोटेक्नोलॉजी, उद्यमिता और शॉर्टहैंड जैसे विषयों से शुरू हो रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 10 में कुल 25,08,319 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 14 लाख छात्र और 11 लाख छात्राएं शामिल हैं। दूसरी ओर, कक्षा 12 में 18,59,551 परीक्षार्थी इस बार परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें करीब 10 लाख छात्र और 8 लाख से अधिक छात्राएं शामिल हैं।
देशभर में बनाए गए हजारों परीक्षा केंद्र
बोर्ड ने इस बार परीक्षा के लिए देशभर में कुल 15,649 केंद्र निर्धारित किए हैं। इनमें 10वीं के लिए 8,075 और 12वीं के लिए 7,574 परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय किया गया है। विद्यार्थियों को सुबह 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया जाएगा, ताकि वे पहले प्रश्नों को समझ सकें और रणनीति के साथ उत्तर लिख सकें।
सुरक्षा और निगरानी के सख्त प्रबंध
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है और लगभग सभी केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं।
विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए स्कूल ड्रेस और प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
विद्यार्थियों के लिए बोर्ड और विशेषज्ञों की सलाह
शिक्षकों और विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यार्थी परीक्षा के दौरान शांत मन और आत्मविश्वास बनाए रखें। प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें, समय का सही प्रबंधन करें और उत्तर स्पष्ट व व्यवस्थित ढंग से लिखें।
उत्तर-पुस्तिका जमा करने से पहले उसका पुनरावलोकन करना भी जरूरी है, ताकि कोई प्रश्न छूट न जाए। परीक्षा के बाद अनावश्यक चर्चा से बचने और नियमित दिनचर्या बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जितना विद्यार्थी तनावमुक्त रहेंगे, उतना बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। परीक्षा के दिनों में पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और थोड़े समय का ध्यान या विश्राम मानसिक एकाग्रता बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
मेहनत का इम्तिहान, आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार
बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि यह अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की भी परीक्षा होती है। एक साल की मेहनत का परिणाम इन्हीं दिनों तय होता है।
अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं और उन पर अनावश्यक दबाव न डालें। सकारात्मक माहौल और भावनात्मक सहयोग विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बना सकता है।
इस तरह देशभर में लाखों विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की शुरुआत हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि सभी छात्र आत्मविश्वास और ईमानदारी के साथ परीक्षा देकर सफलता की ओर कदम बढ़ाएंगे।
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