हरियाणा में गेहूं खरीद का सीजन अपने चरम पर है और इसी बीच राज्य सरकार भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद जमीनी स्तर पर उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने कुरुक्षेत्र जिले की बाबैन अनाज मंडी का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं को करीब से देखा।
यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री ने हर पहलू को गंभीरता से परखा और मौके पर मौजूद किसानों, व्यापारियों और अधिकारियों से सीधे संवाद कर स्थिति का आकलन किया।गेहूं की गुणवत्ता परखी, नमी की खुद की जांचमंडी पहुंचते ही मुख्यमंत्री सीधे गेहूं की ढेरियों के पास पहुंचे। उन्होंने खुद हाथ में गेहूं लेकर उसकी गुणवत्ता और नमी की जांच की। यह दृश्य वहां मौजूद किसानों के लिए भी खास रहा, क्योंकि आमतौर पर ऐसे निरीक्षण अधिकारी करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का खुद यह जिम्मा लेना किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि इस बार गेहूं की फसल कैसी है और नमी का स्तर क्या है। अधिकारियों ने बताया कि इस साल फसल की गुणवत्ता अच्छी है और अधिकांश जगहों पर नमी का स्तर भी तय मानकों के अनुसार है।किसानों से सीधी बातचीतमुख्यमंत्री ने मंडी में मौजूद किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और अनुभव जानने की कोशिश की। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है।किसानों ने बताया कि इस बार गेहूं की आवक अच्छी है और खरीद प्रक्रिया भी संतोषजनक है। कई किसानों ने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से की गई व्यवस्थाओं के कारण उन्हें काफी राहत मिली है।हालांकि कुछ किसानों ने उठान में देरी और भुगतान से जुड़ी छोटी समस्याओं का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।सरकार का भरोसा: हर दाना खरीदा जाएगामुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मेहनत का पूरा सम्मान करती है और उनकी फसल का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को समय पर भुगतान मिले और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।अधिकारियों को दिए सख्त निर्देशनिरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद में तेजी लाई जाए और फसल का उठान समय पर किया जाए।इसके अलावा उन्होंने भुगतान प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मंडी की व्यवस्थाओं का लिया जायजामुख्यमंत्री ने मंडी में उपलब्ध सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि किसानों के लिए पानी, छाया और बैठने की व्यवस्था कैसी है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में आने वाले किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल और छाया की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।सफाई और व्यवस्था पर जोरनिरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडी में सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा माहौल किसानों के लिए जरूरी है और इससे कामकाज भी सुचारू रहता है।उन्होंने यह भी कहा कि मंडी में अनाज का ढेर ज्यादा समय तक नहीं पड़ा रहना चाहिए और उसका समय पर उठान होना चाहिए।व्यापारियों से भी लिया फीडबैकमुख्यमंत्री ने मंडी में मौजूद व्यापारियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनसे पूछा कि खरीद प्रक्रिया में उन्हें किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।व्यापारियों ने सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की और कुछ सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने उनके सुझावों को भी गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।प्रशासनिक टीम रही मौजूदइस दौरे के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी, मंडी बोर्ड के कर्मचारी, किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर मंडी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मुख्यमंत्री के निर्देशों को सुना।किसान हित में सरकार की प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाएं और व्यवस्थाएं लागू कर रही है, जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
निष्कर्ष:
कुरुक्षेत्र की बाबैन अनाज मंडी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह दौरा यह दिखाता है कि सरकार किसानों के प्रति कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। खुद गेहूं की नमी जांचकर और किसानों से सीधे संवाद कर उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासनिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता है।
अगर इसी तरह सरकार और प्रशासन सक्रिय रहते हैं, तो निश्चित रूप से किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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