उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। लगातार गिरते तापमान और सुबह-शाम छाए घने कोहरे ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़क से लेकर रेल और हवाई यातायात तक, हर व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे कई राज्यों में बड़े सड़क हादसे सामने आए हैं। हरियाणा के नूंह जिले में हुए भीषण हादसे में दो लोगों की जिंदा जलकर मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

नूंह में कोहरे ने ली दो जिंदगियां
हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह घने कोहरे के कारण बड़ा हादसा हो गया। दृश्यता लगभग शून्य होने की वजह से एक वाहन के अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे से आ रहे पांच वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक डंपर और कंटेनर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से वाहन में फंसे ड्राइवर और खलासी की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और राहत-बचाव कार्य में काफी समय लगा।
उत्तर प्रदेश में हादसों की श्रृंखला
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला। अमरोहा जिले में दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर महज दो घंटे के भीतर तीन रोडवेज बसों समेत 50 से अधिक वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में कई यात्रियों को मामूली चोटें आईं, हालांकि बड़ा नुकसान टल गया। वहीं बरेली में बस समेत कई वाहनों की भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए।
शाहजहांपुर में कोहरे के कारण हुए हादसे में 7 लोग घायल हुए, जबकि बागपत में 8 लोग चोटिल हो गए। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रेलर की टक्कर में करीब 30 यात्री घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी कहर
पंजाब के बठिंडा जिले में बस और ट्रक की टक्कर में दो लोगों की जान चली गई। हरियाणा के अंबाला में हुए एक सड़क हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। असम में पीएसी की एक गाड़ी कोहरे के कारण डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें आठ जवान घायल हो गए।
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और शीतलहर
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के बाद कश्मीर घाटी में ठंड और ज्यादा बढ़ गई है।
कश्मीर के सोनमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शोपियां में -6.7 और श्रीनगर में -4.7 डिग्री तापमान रहा। लद्दाख के द्रास में पारा माइनस 20 डिग्री तक गिर गया, जिससे सामान्य जनजीवन ठप हो गया है।
मैदानी इलाकों में रिकॉर्ड ठंड
मैदानी इलाकों में भी ठंड ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का सबसे कम तापमान रहा।
दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि चंडीगढ़ में 5.5 डिग्री और हरियाणा के नारनौल में 5.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में हरदोई 3.5 डिग्री के साथ सबसे ठंडा जिला रहा।
दृश्यता शून्य, यातायात ठप
घने कोहरे के कारण कई शहरों में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। दिल्ली के सफदरजंग, उत्तर प्रदेश के हिंडन, कानपुर, बरेली वायुसेना स्टेशन और आजमगढ़, गुजरात के सूरत और पंजाब के अमृतसर में सुबह के समय कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसका सीधा असर फ्लाइट्स और ट्रेनों पर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं और कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 23 जनवरी तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में घने कोहरे का असर बना रहेगा। वहीं 24 जनवरी तक उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
प्रशासन की अपील
लगातार हो रहे हादसों के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। वाहनों की गति सीमित रखने, फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा, ऐसे में आने वाले दिनों में भी सतर्कता बेहद जरूरी है।
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