बिनौली क्षेत्र के बड़ावद गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब जंगल के पास गैस गोदाम के पीछे एक किसान का शव मिलने की सूचना सामने आई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय गजेंद्र निवासी नांगल के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, गजेंद्र खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह मूल रूप से नांगल गांव के रहने वाले थे और साधारण जीवन व्यतीत करते थे। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले वह अपने घर से गुराना गांव में रहने वाली अपनी छोटी बहन के यहां गए थे। इसके बाद से वह अपने घर वापस नहीं लौटे थे। परिवार के लोग यह समझ रहे थे कि वह बहन के यहां ही ठहरे हुए हैं।
रविवार सुबह जब बड़ावद गांव के कुछ किसान रोजाना की तरह खेतों की ओर काम करने जा रहे थे, तभी उनकी नजर गैस गोदाम के पीछे खेत में पड़े एक व्यक्ति पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उन्हें शक हुआ कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है। पहचान के लिए आसपास के लोगों को बुलाया गया। बाद में उसकी पहचान गजेंद्र के रूप में हुई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच की गई ताकि किसी भी तरह के साक्ष्य को सुरक्षित रखा जा सके। प्रारंभिक जांच में पुलिस को मृतक के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
मृतक के रिश्तेदार तेजपाल, जो चमरावल मार्ग के निवासी हैं, ने बताया कि गजेंद्र उनके बुआ के बेटे थे। उन्होंने कहा कि गजेंद्र पिछले कुछ दिनों से घर से बाहर थे और परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह बड़ावद गांव के जंगल क्षेत्र में कैसे पहुंचे। परिजनों को घटना की सूचना मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं।
गजेंद्र पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनका परिवार गांव में सम्मानित माना जाता है। खेती ही उनका मुख्य पेशा था और वह अपने काम में व्यस्त रहते थे। गांव के लोगों का कहना है कि गजेंद्र शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जहरीला पदार्थ निगलने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गजेंद्र आखिरी बार किसके संपर्क में थे और वह इस क्षेत्र में कैसे पहुंचे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह मामला आत्महत्या का तो नहीं है या इसके पीछे कोई और कारण है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह खेत में शव मिलना बेहद दुखद और चिंताजनक है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक मौत के कारण स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक परिवार को सुकून नहीं मिलेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गजेंद्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
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