हरियाणा के मलोर गांव में 22 वर्षीय युवक पर कथित रूप से सुनियोजित और सामूहिक हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित साहिल का आरोप है कि गांव के ही एक परिवार के लोगों ने उसे रास्ते में घेरकर पहले सरेआम पीटा, फिर जबरन अपने घर ले जाकर बंधक बनाया और चाकू व लोहे की रॉड से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल साहिल को पहले सिटी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

मामले में नग्गल थाना पुलिस ने एक ही परिवार के नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर इसे प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
दुकान से घर लौटते वक्त हुआ हमला
घायल साहिल के मुताबिक, 28 फरवरी की शाम वह गांव की दुकान से सामान लेकर अपने घर लौट रहा था। रास्ते में पुलिया के पास गांव के ही सलिंद्र, श्याम, रामा और गौरव बैठे थे। आरोप है कि इन चारों ने उसे घेर लिया और बहस के बाद रामा ने डंडे से उसके सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया।
साहिल का कहना है कि बेहोशी की हालत में उसे आरोपियों ने उठाकर अपने घर ले जाया। वहां भी उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। पेट में चाकू घोंपा गया और लोहे की रॉड से वार किए गए। उसे पकड़कर रखा गया ताकि वह भाग न सके।
महिलाओं की भूमिका का भी आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमले में परिवार की महिलाएं भी शामिल थीं। साहिल के अनुसार, महिलाओं ने भी डंडों और रॉड से वार किए। शोर सुनकर आसपास के लोग और साहिल के परिजन मौके पर पहुंचे, तब जाकर उसे छुड़ाया जा सका। उस समय तक वह खून से लथपथ हो चुका था।
परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश की चर्चा
गांव में चर्चा है कि यह घटना कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि साहिल और आरोपी पक्ष के परिवार की एक युवती के बीच संबंधों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से मनमुटाव था, जो समय के साथ गहराता गया। घटना उसी रंजिश का परिणाम हो सकती है।
नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज
नग्गल थाना पुलिस ने साहिल की शिकायत पर सलिंद्र, श्याम, रामा, गौरव, रूमा, मनीषा, रामदेवी और अन्य परिजन सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 118(1) (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना) और 127(2) (अवैध रूप से बंधक बनाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा होंगे।
अगले दिन फिर मारपीट का आरोप
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के अगले दिन साहिल के चाचा संजय और चाची सुमन को भी गली में रोककर पीटा गया। उनका कहना है कि आरोपी पक्ष लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है।
परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद मलोर गांव में तनाव का माहौल है। दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ सकते हैं, इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं गांव के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करती हैं। युवाओं के बीच बढ़ते विवाद और आपसी रंजिशें गंभीर रूप ले रही हैं, जिन्हें समय रहते सुलझाना जरूरी है।
पुलिस की जांच के अहम बिंदु
जांच के दौरान पुलिस निम्न बिंदुओं पर ध्यान दे रही है:
क्या हमला पूर्व नियोजित था?
क्या घटना वास्तव में प्रेम प्रसंग से जुड़ी है?
क्या सभी आरोपी वारदात में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे?
क्या बंधक बनाए जाने के दौरान अन्य लोगों को भी इसकी जानकारी थी?
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
पीड़ित की हालत नाजुक
चंडीगढ़ पीजीआई में साहिल का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, पेट में गहरे जख्म और सिर पर चोट के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। परिवार लगातार अस्पताल में मौजूद है और न्याय की मांग कर रहा है।
निष्कर्ष
मलोर गांव की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक तनाव और व्यक्तिगत रंजिश के खतरनाक परिणाम का उदाहरण है। प्रेम प्रसंग की चर्चा ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि असल वजह क्या थी और किन परिस्थितियों में युवक को बंधक बनाकर हमला किया गया।
फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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