हरियाणा के करनाल में सड़क निर्माण के दौरान बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। टिकरी कैलाश गांव और लाडो की गामड़ी (अल्फा सिटी के पास) के बीच बन रही पीडब्ल्यूडी सड़क से करीब 10 लाख रुपये कीमत का रोड रोलर दिनदहाड़े उठा ले जाया गया। हैरानी की बात यह है कि चोरों ने हाइड्रा क्रेन की मदद से भारी-भरकम रोलर को कैंटर में लादकर खुलेआम ले गए और आसपास मौजूद लोगों को यह कहकर टाल दिया कि मशीन खराब हो गई है, जिसे ठीक कराने ले जाया जा रहा है। घटना के बाद सड़क निर्माण का काम ठप पड़ गया है।

ठेकेदार दीपक घई ने अपने स्तर पर तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो सदर थाना, करनाल में शिकायत दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शाम के वक्त अंजाम दी गई वारदात
शिकायत के मुताबिक, घटना करीब एक सप्ताह पहले शाम लगभग 7 बजे की है। सड़क निर्माण कार्य जारी था और मशीनरी साइट पर खड़ी थी। इसी दौरान कुछ लोग हाइड्रा लेकर पहुंचे और रोड रोलर को कैंटर में चढ़ाकर ले गए।
घटना स्थल से गुजर रहे एक व्यक्ति ने पूरी प्रक्रिया का वीडियो बना लिया। वीडियो में जब उसने मशीन ले जाने का कारण पूछा, तो मौजूद लोगों ने जवाब दिया कि रोलर खराब हो गया है और ठेकेदार के कहने पर उसे रिपेयरिंग के लिए ले जाया जा रहा है।
बाद में जब ठेकेदार को इस बारे में पता चला, तो स्पष्ट हुआ कि यह सुनियोजित चोरी थी।
वीडियो और गाड़ी नंबर पुलिस के पास
पीड़ित ठेकेदार के पास घटना का वीडियो मौजूद है, जिसमें रोलर को कैंटर में लादते हुए देखा जा सकता है। जिस वाहन में मशीन ले जाई गई, उसका नंबर भी नोट किया गया है। बताया जा रहा है कि वही कैंटर नजदीकी एक डेरा परिसर में भी खड़ा देखा गया था।
पुलिस ने वीडियो और वाहन नंबर को जांच का आधार बनाया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके।
सड़क निर्माण कार्य प्रभावित
रोड रोलर सड़क निर्माण में अहम मशीनरी होती है। इसके बिना डामर या कंक्रीट की परत को समतल और मजबूत नहीं किया जा सकता। मशीन चोरी होने से टिकरी कैलाश से लाडो की गामड़ी तक बनने वाली सड़क का काम रुक गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले ही सड़क निर्माण में देरी हो रही थी, अब चोरी के कारण काम और लटक गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले खुद तलाश, फिर पुलिस में शिकायत
ठेकेदार दीपक घई ने शुरुआत में अपने स्तर पर रोलर की तलाश की। आसपास के वर्कशॉप, कबाड़ बाजार और परिचितों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
कई दिन बीतने के बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
सुनियोजित गिरोह की आशंका
जिस तरह भारी-भरकम रोड रोलर को हाइड्रा की मदद से कैंटर में लादकर ले जाया गया, उससे आशंका जताई जा रही है कि यह काम किसी पेशेवर गिरोह का हो सकता है। आम तौर पर इतनी बड़ी मशीनरी की चोरी के लिए पूर्व योजना, संसाधन और तकनीकी जानकारी की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण स्थलों से मशीनरी चोरी की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं। चोरी के बाद मशीन को या तो दूसरे राज्यों में बेच दिया जाता है या उसके पुर्जे अलग-अलग कर कबाड़ बाजार में खपा दिए जाते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना ने निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शाम के समय मशीनरी बिना सुरक्षा के खुले में खड़ी थी। यदि मौके पर चौकीदार या गार्ड मौजूद होता, तो शायद चोरी रोकी जा सकती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कंपनियों को भी अपनी मशीनरी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए, जैसे जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा कर्मी तैनात करना।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर कैंटर मालिक की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज की तकनीकी जांच कर आरोपियों के चेहरे स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
यदि वाहन किसी डेरा परिसर में देखा गया है, तो वहां भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय लोगों की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण जैसे सरकारी कार्यों में बाधा आती रही, तो विकास कार्य प्रभावित होंगे।
निष्कर्ष
करनाल में सड़क निर्माण स्थल से दिनदहाड़े रोड रोलर चोरी की घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि विकास कार्यों पर भी असर डालती है। वीडियो और वाहन नंबर जैसे अहम सुराग पुलिस के पास हैं, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाया जा सकेगा।
फिलहाल सड़क निर्माण कार्य मशीन मिलने या नई मशीन की व्यवस्था होने तक ठप पड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल थे और उनका मकसद क्या था।
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