नगर निगम के वार्ड संख्या–35 स्थित रघुकुल विहार कॉलोनी में लंबे समय से जारी जलभराव की समस्या ने शुक्रवार को गंभीर रूप ले लिया। लगातार परेशानी झेल रहे स्थानीय निवासियों का धैर्य आखिरकार टूट गया और वे सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क को घेरकर नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रघुकुल विहार की मुख्य सड़क पर पिछले करीब दस दिनों से पानी भरा हुआ है। बारिश रुकने के बाद भी जलभराव जस का तस बना हुआ है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सड़क पर जमा पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, जबकि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को निकलने में सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
निवासियों ने बताया कि जलभराव के कारण कॉलोनी में बदबू फैल रही है और मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि कई घरों के सामने पानी जमा रहने से वे घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहक पानी भरी सड़क के कारण दुकानों तक पहुंच नहीं पा रहे हैं।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने नगर निगम में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। न तो नाले की सफाई कराई गई और न ही सड़क की मरम्मत हुई। इसी तरह कॉलोनी की रहने वाली सीमा देवी ने कहा कि बच्चे स्कूल जाते समय गिर जाते हैं, लेकिन निगम की ओर से कोई जिम्मेदारी लेने वाला नहीं है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने की मांग की। कुछ समय तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे आसपास के इलाकों में भी हलचल मच गई। सूचना मिलने पर वार्ड पार्षद पूनम गुप्ता मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं।
पार्षद पूनम गुप्ता ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जलभराव की समस्या गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने मौके से ही नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात की और स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद नगर निगम की एक टीम भी रघुकुल विहार पहुंची और जलभराव वाले इलाके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था और आसपास के नालों की जांच की।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि समस्या का मुख्य कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था न होना और सड़क का क्षतिग्रस्त होना है। उन्होंने कहा कि अस्थायी तौर पर पानी निकालने की व्यवस्था तुरंत कराई जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, संबंधित सड़क के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए नाले के निर्माण और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की योजना भी बनाई गई है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो वे फिर से सड़क पर उतरेंगे। स्थानीय निवासियों ने मांग की कि सिर्फ कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए। लोगों का कहना है कि हर बार बरसात के मौसम में यही समस्या सामने आती है और कुछ समय बाद सब भूल जाते हैं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने यह भी मांग की कि नगर निगम समय-समय पर नालों की सफाई कराए और सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि खराब निर्माण और लापरवाही के कारण ही जलभराव की स्थिति बनती है। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाएं तो ऐसी नौबत ही न आए।
कुल मिलाकर रघुकुल विहार में जलभराव की समस्या ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि निगम प्रशासन अपने वादों पर खरा उतरता है और जल्द काम शुरू करता है, तो लोगों को राहत मिल सकती है। लेकिन यदि देरी हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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