पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच गुरुवार का दिन ईरान के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ। तेहरान के करज इलाके में स्थित बी1 ब्रिज पर अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए हवाई हमले में आठ लोगों की मौत हो गई और 95 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हमले की टाइमिंग ने इसे और भी त्रासदीपूर्ण बना दिया, क्योंकि उस दिन “प्रकृति दिवस” के चलते बड़ी संख्या में परिवार उस इलाके में मौजूद थे।

ईरानी मीडिया Press TV ने बताया कि हमला बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था और इसका मुख्य लक्ष्य बी1 ब्रिज था। हालांकि, पुल के आसपास मौजूद आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ गए।
हमले के दौरान जोरदार धमाकों के साथ आग और धुएं के गुबार उठे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल लोगों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीमें लगातार उनका इलाज कर रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों में कई यात्री और स्थानीय निवासी शामिल हैं। इनमें ऐसे परिवार भी थे, जो प्रकृति दिवस के मौके पर पिकनिक मनाने आए थे। इस घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस हमले को “अमानवीय और गैर-जरूरी आक्रामकता” करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और हमलावरों को इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।
इस बीच, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने Ilham Aliyev से बातचीत कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि हमले के समय अमेरिका के साथ बातचीत चल रही थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हालात कितने जटिल हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है। इससे शांति वार्ता को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज हो सकता है।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं। सभी को आशंका है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संघर्ष और अधिक देशों को अपनी चपेट में ले सकता है।
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