दरभंगा : जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस एम ने कहा है कि आज टेक्नोलॉजी का जमाना है. टेक्नोलॉजी में नित्य नए अनुसंधान हो रहे हैं. इसमें सॉफ्ट वेयर टेक्नोलॉजी ने समूचे दुनिया में पैठ बना लिया है.
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देश की सरकारें भी सॉफ्ट वेयर टेक्नोलॉजी को अपना रहीं है. कहा कि सॉफ्ट वेयर टेक्नोलॉजी के बढ़ते चलन को देखते हुए हम ई गवर्नेंस पद्धति को अपनाने जा रहे है. आने वाला समय ई गवर्नेंस का ही होगा. इसलिए हमें ई – गवर्नेंस की कार्य प्रणाली को अच्छे से सिखने की जरूरत है. कहा कि ई- गवर्नेंस प्रणाली में नवोन्मेषी प्रयोग की पूरी गुंजाइस रहती है. सरकारी कार्यालयों में भी तेज़ी से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है. सरकार की अनेकों कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोंगो को ऑन लाइन पद्धति से प्राप्त हो रहा है. वे समाहरणालय सभा कक्ष में आयोजित ई – गवर्नेंस एवं सूचनाओं की संरक्षा हेतु जागरूकता कार्यशाला में बोल रहे थे.

डीएम ने एन.आई.सी. से कहा कि जिला के एक दो कार्यालयों में पूरी ई गवर्नेंस प्रणाली विकसित करे. ई गवर्नेंस प्रणाली से सरकारी कार्यालयों में कार्य करने में सहूलियतें होगी एवं कार्यों का निष्पादन तेज़ी से होगा. कहा कि इससे वित्तीय अनियमितता पर भी रोक लगेगी.
गौरतलब है की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रावैधिकी संस्थान, भारत सरकार द्वारा आज दिनांक 6 मार्च को समाहरणालय सभाकक्ष में ई-गवर्नेंस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में मुख्य रूप से ई-प्रणाली सेवाओं से सभी पदाधिकारियों को अवगत कराने एवं सॉफ्ट वेयर के इस्तेमाल करने में सुरक्षा मानकों को अपनाने तथा धोखाधड़ी से बचाव के लिए जानकरी दी गयी.
इस कार्यशाला में मुख्य रूप से एन.आई.ई.एल.आई.टी, पटना के आईटी प्रबंधक यशवंत झा, प्रोजेक्ट प्रबंधक विशाल कुमार एवं सिनियर फैकल्टी अतुल कुमार द्वारा ई-गवर्नेस और सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता के बारे में उपस्थित पदाधिकारियों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी।
बताया गया कि कैसे डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से वित्तीय निकासी में धोखाधड़ी आदि को रोका जा सकता है। साथ ही सुरक्षित ढंग से डिजिटल हस्ताक्षर के द्वारा कैसे फाइलों के निपटारे में आसानी हो रही है। ई-गवर्नेस के तहत नोट सीट बनाने, डाटा व फाइलों को सालों-साल तक सुरक्षित रखने, ई-रक्तकोष पोर्टल के द्वारा अधिकोष में रक्त की उपलब्धता की क्या स्थिति है, उसकी जानकारी उपलब्ध हो पायेगी।
बताया गया कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऍप के माध्यम से सेवानवृत कर्मियों को लाइफ सर्टिफिकेट का प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। इसके साथ ही ई-राही एप्प, डिजी लॉकर, पीएमजी दिशा, डिजिटल पेमेंट्स, ई -हॉस्पीटल, फोन आधारित आरटीआई, ऑनलाईन शिकायत ,ऑनलाईन बिजली बिल भुगतान, गवर्नमेंट टेंडर, गुड गवर्नेस, ई-डिस्ट्रिक्ट, वेवसाईट डायरेक्ट्री, जेम पोर्टल आदि से सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी।

आई.टी.प्रबंधक द्वारा सुरक्षित ई-मेल के इस्तेमाल, फेक मैसेज से होने वाले नुकसान तथा सोशल मिडिया पर लुभावने ऑफर आदि से परहेज करने एवं क्रेडिट और डेविट कार्ड के माध्यम से वित्तीय लेनदेन में होनेवाले धोखाधड़ी से बचने के तरिके के बारे में भी जानकारी दी गयी।
इस कार्यशाला का संचालन डीआईओ राजीव झा द्वारा किया गया. इस कार्यशाला को डीडीसी डॉ कारी महतो द्वारा भी सम्बोधित किया गया.
इस अवसर पर डीपीजीआरओ आर आर प्रभाकर, डीपीआरओ सुशील कुमार शर्मा, डीसीएलआर पुष्पेश कुमार, योजना पदाधिकारी कामेस्वर प्रसाद, डीएसओ अजय गुप्ता, डीपीओ अलका आम्रपाली, एडीएसएस रवि तिवारी, एपीओ सुजाता कुमारी, सभी सीडीपीओ, सभी आईटी असिस्टेंट ने भाग लिये.
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